
प्रज्जवल रेवन्ना को दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न के मामले में हाईकोर्ट ने भी जमानत देने से इनकार क दिया था. हाईकोर्ट ने 21 अक्टूबर को रेवन्ना की जमानत याचिका को खारिज कर दी थी.

क्या लगे हैं आरोप?
आपको बता दें कि प्रज्जवल रेवन्ना पर यौन उत्पीड़न के तीन मामले दर्ज हैं. साथ ही उनपर आरोप है कि उन्होंने कई महिलाओं से दुष्कर्म किया है. प्रवज्जवल रेवन्ना पर लगे आरोपों की वजह से जेडीएस ने उन्हें पार्टी से निलंबित भी कर दिया था. आपको बता दें कि यौन उत्पीड़न मामले का मास्टरमाइंड प्रज्वल रेवन्ना ने सरेंडर करने से पहले एक वीडियो मैसेज भेजा था. जिसमें उन्होंने कहा था कि वो 31 मई को सुबह 10 बजे SIT के सामने आत्मसमर्पण करेगा.
नींबू लेकर विधान सभा आते थे एचडी रेवन्ना
2018 में जब कुमारस्वामी जेडीएस- कांग्रेस की साझा सरकार में मुख्यमंत्री बने तो अपने बड़े भाई एचडी रेवन्ना को कैबिनेट मंत्री बनाया. वो अपने हाथ में नींबू लेकर विधान सभा आते थे क्योंकि ज्योतिषियों की ये सलाह थी की अगर एचडी रेवन्ना ऐसा नहीं करते है तो कुमारस्वामी सरकार और उनके मंत्री पद पर संकट खड़ा हो जाएगा. बीजेपी ने इसपर आपत्ति की थी तो मुख्यमंत्री कुमारस्वामी अपने बड़े भाई एच डी रेवन्ना के साथ खड़े हुए थे.







