

राजनांदगांव जिले के ग्राम गातापार स्थित धान खरीदी केंद्र में बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, परिवार के सभी सदस्यों की सहमति के बावजूद धान खरीदी प्रक्रिया में हेरफेर किया जा रहा है। यह घोटाला प्रसन्न मन से चलाया जा रहा है, जिसमें नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है।
कैसे हो रहा है घोटाला?
सहमति के बावजूद धान खरीदी में दस्तावेज़ों और प्रक्रियाओं के साथ छेड़छाड़ की जा रही है।
किसानों के नाम पर फर्जी एंट्री कर धन का गबन किया जा रहा है।
प्रशासन और केंद्र पर मौजूद अधिकारियों की मिलीभगत के कारण इस घोटाले को अंजाम दिया जा रहा है।

प्रभावित किसान
कई किसानों ने अपनी शिकायत दर्ज कराई है कि उनके धान की सही कीमत नहीं मिल रही है। कुछ किसानों का कहना है कि धान की तौल में भी गड़बड़ी की जा रही है, जिससे उनकी मेहनत का सही मूल्य नहीं मिल रहा।

किसानों की मांग
किसानों ने इस घोटाले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही स्थिति नहीं सुधरी, तो वे बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
घोटाले के पीछे का सच?
प्राप्त वीडियो और जानकारी से स्पष्ट होता है कि यह घोटाला योजनाबद्ध तरीके से चल रहा है। यह न केवल किसानों के अधिकारों का हनन है, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र पर सवाल खड़े करता है।




















