

टोल टैक्स पर सरकार की नई योजना: प्राइवेट गाड़ियों के लिए मंथली और ईयरली पास
नई दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने टोल टैक्स वसूली के लिए नई योजना की घोषणा की है। इसके तहत प्राइवेट गाड़ियों के लिए मंथली और ईयरली टोल पास जारी किए जाएंगे। इस योजना का उद्देश्य टोल प्लाजा पर भीड़ को कम करना और सड़क यात्राओं को सुगम बनाना है।
प्राइवेट गाड़ियों का योगदान मात्र 26%
गडकरी ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल टैक्स वसूली में प्राइवेट गाड़ियों का योगदान केवल 26% है, जबकि 74% राजस्व कमर्शियल वाहनों से आता है। ऐसे में प्राइवेट गाड़ियों के लिए मंथली और ईयरली पास लागू करने से सरकार को राजस्व का बड़ा नुकसान नहीं होगा।
बैरियर-लेस टोलिंग सिस्टम पर जोर
गडकरी ने ‘बैरियर लेस टोलिंग’ पर एक राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस के दौरान जानकारी दी कि वर्तमान फास्टैग प्रणाली के साथ ही ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (GNSS) आधारित टोल संग्रह प्रणाली को भी लागू करने पर काम चल रहा है। यह नई प्रणाली ज्यादा सटीक और बाधारहित होगी।
जीएनएसएस प्रणाली की खासियत
- जीएनएसएस आधारित टोलिंग सिस्टम वाहन की सटीक यात्रा दूरी के आधार पर शुल्क वसूलेगा।
- यह तकनीक ट्रैफिक को सुचारू बनाएगी और टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत खत्म करेगी।
- इस प्रणाली का प्रायोगिक अध्ययन कर्नाटक में एनएच-275 और हरियाणा में एनएच-709 पर किया गया है।
लोगों को क्या होगा फायदा?
- लंबी यात्रा करने वाले लोगों के लिए टोल पास किफायती साबित होगा।
- टोल प्लाजा पर लगने वाले समय और ट्रैफिक से राहत मिलेगी।
- देशभर में एक समान और पारदर्शी टोल प्रणाली सुनिश्चित की जाएगी।
भविष्य में नए बदलाव संभव
गडकरी ने यह भी बताया कि सड़क परिवहन मंत्रालय आने वाले समय में टोल टैक्स संग्रह प्रणाली को और उन्नत बनाने के लिए लगातार नए कदम उठा रहा है। जीएनएसएस तकनीक से देश की टोल प्रणाली को ग्लोबल स्टैंडर्ड पर लाने का लक्ष्य है।
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