

स्पेशल रिपोर्ट- श्रवण कुमार साहू
कुरूद/धमतरी. कुरूद विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत परखंदा के मतदाताओं ने इस बार के पंचायत चुनाव में परपंरा बदल भाजपा प्रत्याशी को ही सरपंच चुना जबकि पिछले 60 साल का रिकार्ड देखे तो हर पांच साल बाद परखंदा की जनता पार्टी बदल देती थी। एक बार भाजपा तो दूसरे बार कांग्रेस सरपंच चुनती थी। इस साल यह परंपरा टूट गया। पिछले चुनाव में भाजपा समर्थित प्रत्याशी को जीत मिली थी। इस बार भी जनता ने भाजपा समर्थित को मौका दिया है। जनता के बदले मूड को लेकर पंचायत में चर्चा का बाजार गर्म है।
नवनिर्वाचित सरपंच को 37 वोटों से मिलीं जीत
ग्राम पंचायत परखंदा के पंचायत चुनाव में भाजपा समर्थित प्रत्याशी माधुरी मोहित साहू ने 37 वोटों से जीत हासिल की। यहाँ भाजपा और कांग्रेस में कड़ी टक्कर थी।सरपंच पद के लिए तीन प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे। कांग्रेस के समर्थित प्रत्याशी हिना निषाद को 1089 मत एवं माधुरी मोहित साहू को 1126 मत, निर्दलीय प्रत्याशी रूखमणी पुनुराम साहू को 38 वोट मिले। जिसमे भाजपा प्रत्याशी ने 37 वोटों से विजयी हुई। जबकि मतगणना के शुरुआत में कांग्रेस प्रत्याशी हिना निषाद बढ़त बनाई हुई थी। वार्ड क्रमांक 17, 18, 19 और 20 इन चार वार्डो में भाजपा को लीड मिली जिससे जीत का पासा पलटा। शनिवार को विजयी प्रत्याशी एवं समर्थकों ने गांव में विजय जुलूस निकाल जश्न मनाया।

वर्ष 2005 से गिलास छाप वाले प्रत्याशी की हो रही जीत
इस परखंदा पंचायत में एक खास संयोग भी जुड़ा हुआ है। 2005 से गांव के प्रत्याशी को चुनाव चिन्ह के रूप में गिलास छाप ही मिलते आ रहा। जिस प्रत्याशी को गिलास छाप मिला उसकी जीत हुई। इस बार भी गिलास छाप वाले भाजपा समर्थित प्रत्याशी को जीत मिली है। ज्ञात हो कि पिछले पंचवर्षीय में भाजपा समर्थित सरपंच ने कोई खास काम नही करवाए थे जिससे विकास का पहिया थम सा गया जिसको देखते हुए गांव में भाजपा के विपरीत माहौल बन गया था लेकिन जनता ने अपना विश्वास माधुरी मोहित साहू पर जताते हुए जनादेश दिया। ग्रामीणों को युवा सरपंच से काफी उम्मीदें हैं। नशा में डूब चुकी गांव को नशामुक्त कराने का जिम्मा अब इनके कंधे पर है।वही नवनिर्वाचित सरपंच माधुरी मोहित साहू ने कहा कि गांव की देवतुल्य मतदाताओ ने मुझे आशीर्वाद दिया है इसके लिए मैं आभारी हूं। गांव को नशामुक्त बनाने प्रयास करेंगे।
नवनिर्वाचित सरपंच को 37 वोटों से मिलीं जीत


