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पतरातू-मैकलुस्कीगंज मुख्य मार्ग के चूरी होयर बस्ती के पास ट्रक फसने से सड़क जाम।।

पतरातू-मैकलुस्कीगंज मुख्य मार्ग के चूरी होयर बस्ती के पास ट्रक फसने से सड़क जाम।।

संवाददाता/राशीद अंसारी खलारी 

खलारी। इन दिनों बरसात का मौसम चल रहा है, सड़कों का हाल जहां भी देखिए बेहाल ही नजर आता है। मंगलवार को बारिश के कारण पतरातू-मैकलुस्कीगंज मुख्य मार्ग के चूरी होयर बस्ती के पास एक ट्रक जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर JH01CM 2266  का टायर फिसलने से सड़क के किनारे जाकर फस गया, जिससे एक बड़ी दुर्घटना होने से बच गया साथ ही सड़क पूरी तरह से ब्लॉक हो गई।चूरी होयर बस्ती की ये सड़क जहां से गुजरने से पहले लोग खतरों से खेलते हैं। छोटी-छोटी दुर्घटनाएं तो यहां हर दिन हो रही हैं, अगर ऐसा ही हाल रहा तो कभी भी बड़ी घटना हो सकती है साथ ही किसी के जान माल का भी नुकसान हो सकता है। पतरातू-मैकलुस्कीगंज मुख्य मार्ग के चूरी होयर बस्ती के पास पहुंचते ही  सड़क इतनी खराब है, जिसे देखकर आप भी कंफ्यूज हो जाएंगे की गड्ढे में सड़क है या सड़क में गड्ढा, इन सड़कों में इतने बड़े-बड़े गड्ढे हैं की रोड का तो पता ही नहीं चलता।इसे देखकर लोग परेशान रहते हैं कि कहीं गाड़ी गड्ढे में न फंस जाए,ये गड्ढे इतने बड़े-बड़े हो चुके हैं, कि रोड पूरी तरह से टूट चुका है,गड्ढों में पूरी गाड़ियां ही घुस जा रही हैं। सड़क भी किनारे से कट चुकी है, आलम ये है कि यहां हर दिन गाड़ियां फसती हैं, छोटे बड़े एक्सीडेंट होते हैं लोग गिर भी जाते हैं। स्कूल के छात्र जाते तो स्कूल हैं लेकिन कीचड़ में गिर जाने के कारण वापस घर आना पड़ता है।ये मार्ग नहीं परेशानी है। इस सड़क से गुजरना मतलब खतरों से खेलना है। बस्ती के लोगों का कहना है कि यहां हर दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं. गड्ढे इतने बड़े-बड़े हैं की गाड़ी निकालना मुश्किल हो रहा है।स्कूल की गाड़ियां गुजरती हैं, कई बच्चे खुद से चलकर यहां से स्कूल जाते हैं, एंबुलेंस निकलती हैं, कई गांव के लोग हर दिन यहां दैनिक कार्य करने के लिए जाते हैं, इलाज के लिए मरीज जाते हैं, लेकिन हर कोई यहां परेशान रहता है। क्योंकिमुख्य मार्ग का निर्माण कार्य खलारी के चूरी क्षेत्र में अधूरा पड़ा हुआ है, जो स्थानीय लोगों के लिए परेशानी और दुर्घटनाओं का कारण बनता जा रहा है. लगभग 300 मीटर लंबे इस अधूरे हिस्से में सड़क निर्माण जमीन विवाद के कारण रुक गया है. स्थानीय ग्रामीण का कहना है कि उक्त जमीन उनकी निजी है और मुआवजा दिये बिना सड़क निर्माण नहीं होने देंगे, जबकि अंचल प्रशासन का स्पष्ट दावा है कि यह भूमि सरकारी है। इस मतभेद के बीच सड़क निर्माण का काम पिछले कई महीनों से ठप है। अधुरे पड़े इस सड़क में पदाधिकारी समेत सांसद विधायक सड़क निर्माण विभाग को जानकारी दी गई है लेकिन अभी तक इस अधूरे पड़े सड़क पर निर्माण कार्य नहीं किया जा रहा है ना ही कोई अधिकारी सूद ही ले रहा है । स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने कई बार राज्य सरकार से मांग की है कि विवाद का शीघ्र समाधान कर इस अधूरे मार्ग का निर्माण पूर्ण कराया जाये पर आज तक इस बारे में कोई हल नहीं निकला है।आस पास के ग्रामीणों ने प्रशासन एवं सरकारी नुमाइंदों की गतिविधि को देखते हुए उक्त सड़क को स्वयं एक दूसरे के सहयोग से बनाए जाने की बात कही।

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