
वन्दे भारत लाइव टीवी न्यूज़/समृद्ध भारत डिस्ट्रिक्ट रिपोर्टर(पेंड्रावन)सारंगढ़-बिलाईगढ़, 7 अगस्त 2025//स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा खाद्य औषधि प्रशासन छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार जिले में चल रहे “बने खाबो बने रहिबो” राज्य स्तरीय विशेष जांच एवं जनजागरूकता अभियान के तहत मंगलवार को खाद्य सुरक्षा विभाग रायगढ़ की टीम ने सारंगढ़ के दो प्रमुख होटल—सूरज होटल एवं राजेंद्र होटल का निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान सूरज होटल से गुणवत्ता संदेह के आधार पर बूंदी का लड्डू, छेना और चमचम के नमूने संकलित कर जांच हेतु प्रयोगशाला भेजे गए। वहीं, राजेंद्र होटल से मीठा खोवा (कुंदा) और केसर पेड़ा के नमूने लिए गए।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी सागर दत्ता के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में होटल संचालकों को साफ-सफाई बनाए रखने, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुधारने और स्वच्छता नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि सभी सैंपलों को खाद्य गुणवत्ता जांच हेतु भेजा गया है। रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात यदि मिलावट या अमानकता पाई जाती है तो संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध माननीय न्यायालय में प्रकरण तैयार कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही दोनों प्रतिष्ठानों को आवश्यक सुधार हेतु नोटिस जारी किया गया है, जिसमें समय सीमा के भीतर सुधारात्मक कदम उठाना अनिवार्य किया गया है। निर्धारित अवधि में सुधार न होने की स्थिति में कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य है—
- लोगों को मिलावटी व अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों से बचाना
- स्वच्छ व सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना
- स्ट्रीट फूड वेंडर्स एवं होटल संचालकों में साफ-सफाई, व्यक्तिगत स्वच्छता एवं खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर जागरूकता फैलाना
- मिलावट, अमानक अवयव, प्रतिबंधित रंगों और डाई के उपयोग पर नियंत्रण रखना
इसके अलावा विभाग आमजन को यह संदेश भी दे रहा है कि भोजन में कम नमक और तेल का उपयोग कर बीमारियों से बचा जा सकता है और स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ा जा सकता है।
अभियान की प्राथमिकताएं हैं:
- खाद्य पदार्थों की सुरक्षित हैंडलिंग
- मानक कच्चे अवयवों का उपयोग
- भोजनजनित रोगों की रोकथाम
- जनजागरूकता का विस्तार
“बने खाबो बने रहिबो” अभियान जिले में स्वस्थ जीवनशैली और सुरक्षित खाद्य संस्कृति की ओर एक ठोस पहल है, जो न केवल उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करता है बल्कि खाद्य कारोबारियों को भी सजग और जिम्मेदार बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।










