
कोरिया- जिले के सोनहत नगर में आयोजित श्रीमद् शिव महापुराण कथा के चौथे दिन भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का प्रसंग अत्यंत उल्लास के साथ सुनाया गया। इस अवसर पर शिवजी की भव्य बारात निकाली गई, जिसमें भूत-पिशाच, देवी-देवता और झूमते हुए श्रद्धालु शामिल हुए। शिव-पार्वती के जयकारों से पूरा क्षेत्र शिवमय हो गया।
भक्ति और उल्लास का संगम
कथावाचक ने शिव विवाह के कथा के दौरान जैसे ही शिव विवाह का प्रसंग आया, पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
*शिव का अनूठा स्वरूप: नंदी पर सवार भोलेनाथ, भस्म लगाए और गले में सर्प माला धारण किए हुए नजर आए।
* बारातियों का उत्साह: श्रद्धालुओं ने पारंपरिक भजनों और डमरू की थाप पर जमकर नृत्य किया।
कन्यादान की रस्म: माता पार्वती के स्वरूप का विधि-विधान से पूजन किया गया और भावपूर्ण कन्यादान की रस्म अदा की गई।
विवाह उत्सव के उपलक्ष्य में भव्य फूलों की होली खेली गई।












