


बांगरदा(खरगोन) आपकी गलतियों पर आपको टोके, सही रास्ता दिखाएं, और बुरे वक्त में आपके साथ खड़ा रहे। वह ईमानदार, आपके भले के बारे में सोचता हो ,जरूरत पड़ने पर आपकी बात विरोध करने से भी ना डरे। एक सच्चे मित्र के लिए जरूरी है कि वह आपके गुणों को बढ़ा चढ़ा कर ना बताएं एवं सुधार की गुंजाइश देखें। और उसे बेहतर बनाने में मदद करें ।
उक्त विचार व्यक्त करते हुए अपूर्वा मा सा ने ग्रामीण महिलाओं से सत्संग में सच्चे मित्र के विषय में सीधे चर्चा करते हुए प्रेरक प्रसंग सुनाया।
अपने अपने प्रेरक प्रसंग में एक राजा द्वारा एक ख्याति प्राप्त दानवीर व्यापारी की सर्वजन हिताय की ख्याति से आक्रोशित होकर राज दरबार में कठिन प्रश्न पूछ कर 15 दिन में उत्तर नहीं देने पर संपत्ति जप्त कर देश से निकाले जाने की चेतावनी दी।
प्रस्तावित सजा से चिंता ग्रस्त व्यापारी के मित्र ने सही समय पर प्रश्नों को सुना एवं अपने मित्र की समस्या का निराकरण कर सभी प्रश्नों के उत्तर बता दिए एवं व्यापारी द्वारा राज दरबार में सही समय पर प्रस्तुत होकर राजा द्वारा पूछे गए सभी प्रश्नों के जवाब प्रस्तुत कर दिए जिस राजा प्रसन्न हुआ एवं उसे अपना मित्र बना लिया। इस प्रकार सच्चे मित्र की संगति से व्यापारी ने अपने धन को बचाया एवं अपनी ख्याति को भी बचाया। सत्संग के समापन सत्र में ग्रामीण महिलाओं द्वारा भजन प्रस्तुत किए गए इस अवसर पर संचेती परिवार द्वारा धर्मलता जी, सुप्रतिभा जी म सा का स्वागत किया गया।
:-रामेश्वर फूलकर पत्रकार बांगरदा








