
सगमा प्रखंड क्षेत्र के पूतुर गांव में चल रहे अखंड कीर्तन के दौरान एक हृदयविदारक घटना सामने आई। धुरकी थाना क्षेत्र के धोबनी गांव निवासी 55 वर्षीय लालबिहारी कोरवा की शुक्रवार देर रात हार्ट अटैक से मौत हो गई। घटना के बाद कीर्तन स्थल पर अफरा-तफरी मच गई, वहीं मृतक के गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार लालबिहारी कोरवा शुक्रवार की शाम लगभग आठ किलोमीटर दूर अपने गांव धोबनी से पैदल चलकर पूतुर गांव मे 108 घंटे की अखंड कीर्तन चल रहा था वही
पहुँचे हुए थे। वहां कई दिनों से अखंड कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है। संगीत प्रेमी लालबिहारी बचपन से ही नाल वादन में दक्ष थे और जहां भी भजन-कीर्तन होता, वे स्वयं पहुंचकर अपनी सेवा देते थे। शुक्रवार की रात भी वे कीर्तन में नाल वादक के रूप में योगदान दे रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रात लगभग साढ़े ग्यारह बजे उन्होंने कीर्तन में मौजूद लोगों से कहा कि उन्हें अच्छा महसूस नहीं हो रहा है। इसके बाद वे आराम करने के लिए बाहर निकले, लेकिन कुछ ही कदम चलते ही अचानक गिर पड़े। वहां मौजूद लोगों ने उन्हें संभालने की कोशिश की, परंतु तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। बताया जा रहा है कि कुछ मिनटों के भीतर ही उनकी मृत्यु हो गई।
परिजनों ने बताया कि लालबिहारी की तबीयत पिछले कुछ दिनों से खराब चल रही थी और वे शारीरिक रूप से काफी कमजोर हो गए थे। घरवालों ने उन्हें कीर्तन में जाने से मना भी किया था, लेकिन भक्ति और संगीत के प्रति उनके लगाव ने उन्हें रोक नहीं पाया। इसी लगन के चलते वे पैदल ही पूतुर गांव पहुंच गए थे।
घटना की सूचना जैसे ही धोबनी गांव पहुंची, पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जानकारी के अनुसार मृतक ने इस वर्ष अपने एक बेटे और एक बेटी की शादी तय की थी। अचानक हुई इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक अपने पीछे पत्नी सहित चार बच्चों को छोड़ गए हैं। अब उनके भरण-पोषण को लेकर गांव में चिंता और चर्चा का माहौल है।



