
समीर वानखेडे चंद्रपुर महाराष्ट्र:
नागपुर शहर में क्लास 12 वीं (HSC) एग्जाम में पेपर लीक होने की चौंकाने वाली घटना ने एजुकेशन सेक्टर में हलचल मचा दी है। 12 वी क्लास के पेपर लीक होने के दो मामलों की जांच के बाद अब दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इस मामले में एक स्टूडेंट के साथ एक कोचिंग क्लास के संचालक को भी गिरफ्तार किया है। राज्य को हिला देने वाले इस पेपर लीक मामले में नागपुर से बड़ी कार्रवाई हुई है, और सदर पुलिस अभी भी मामले की पूरी जांच कर रही है।
मिली जानकारी के मुताबिक, ट्यूशन क्लास चलाने वाले डायरेक्टर का नाम निशिकांत मूल (45, मनकापुर) है। गिरफ्तार स्टूडेंट का नाम फरहान अख्तर है। पेपर लीक की बात सेंट उर्सुला हाई स्कूल एग्जामिनेशन सेंटर पर सुपरवाइजर ने उजागर की। पता चला कि केमिस्ट्री का क्वेश्चन पेपर एग्जाम टाइम से पहले ही WhatsApp पर आ गया था। इसी बीच, बार-बार टॉयलेट जा रही स्टूडेंट पर शक हुआ तो उसके स्मार्टफोन की तलाशी ली गई। इसके बाद इस मोबाइल को जब्त कर जांच की गई। एग्जाम शुरू होने से पहले 10.37 बजे एक WhatsApp ग्रुप पर पेपर, सवाल और जवाब मिले। पता चला कि निशिकांत मूल के नंबर से ‘XII’ नाम के 21 लोगों के WhatsApp ग्रुप में पेपर भेजा गया था।
खबर है कि 12वीं साइंस स्ट्रीम का फिजिक्स और केमिस्ट्री का पेपर एग्जाम से एक घंटे पहले WhatsApp पर लीक हो गया। 12वीं का केमिस्ट्री का पेपर गुरुवार को था। लेकिन, पेपर एग्जाम से पहले ही स्टूडेंट्स के WhatsApp ग्रुप पर लीक हो गया। यह घटना नागपुर शहर के सदर में सेंट उर्सुला एग्जामिनेशन सेंटर पर सामने आई है।
मामला सामने आते ही निशिकांत मूल ने नंबर ब्लॉक कर दिया। मोबाइल में 16 फरवरी का फिजिक्स का पेपर भी मिला। पुलिस ने इन दोनों सब्जेक्ट के पेपर लीक होने की पुष्टि की है और इस मामले में कोचिंग क्लास संचालक और एक स्टूडेंट को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। फरहान पर ग्रुप में आंसर लीक करने का आरोप है। इस मामले में कोर्ट ने दोनों को चार दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। यह क्वेश्चन पेपर असल में कहां से आया? इसमें और कौन-कौन शामिल है? कहीं ये पेपर लीक कोई बड़ा रैकेट तो नहीं है ? इस ओर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।




