

🟥🚨 बड़ी खबर: सहारनपुर में दूध फैक्ट्री पर छापा, टॉयलेट के पास रखा मिला 2000 लीटर दूध – जनस्वास्थ्य से बड़ा खिलवाड़ उजागर 🚨🟥
सहारनपुर। शहर के थाना कुतुबशेर क्षेत्र में मिगलानी बिल्डिंग के पास संचालित एक दूध फैक्ट्री में खाद्य सुरक्षा विभाग की औचक छापेमारी ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री परिसर में अत्यंत गंदगी, अस्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ती हुई पाई गईं।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम जब मौके पर पहुंची तो निरीक्षण के दौरान पाया गया कि फैक्ट्री के भीतर शौचालय के ठीक बगल में लगभग 2000 लीटर दूध असुरक्षित और बेहद अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में रखा हुआ था। अधिकारियों के अनुसार, यह स्थिति न केवल खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है, बल्कि सीधे तौर पर उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ भी है।
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि फैक्ट्री कर्मचारी जंग लगे और दूषित कंटेनरों में दूध का भंडारण कर रहे थे। इसी अस्वच्छ वातावरण में दही और खोया जैसे दुग्ध उत्पाद भी तैयार किए जा रहे थे। फर्श पर गंदगी, दुर्गंध और स्वच्छता के बुनियादी मानकों का अभाव स्पष्ट रूप से देखा गया।
टीम ने मौके से दूध, दही और खोया के नमूने लेकर उन्हें विधिवत सील किया और प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी, लेकिन प्रथम दृष्टया हालात अत्यंत गंभीर पाए गए हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि नमूनों की रिपोर्ट में मिलावट या गुणवत्ता में कमी पाई जाती है, तो संबंधित फैक्ट्री का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाएगा। इसके अलावा, मिलावट की पुष्टि होने पर संचालकों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कठोर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में लंबे समय से दूध और दुग्ध उत्पादों की आपूर्ति इसी फैक्ट्री से की जा रही थी। ऐसे में यह सवाल उठता है कि अब तक नियमित निरीक्षण क्यों नहीं हुआ और यदि हुआ तो इतनी गंभीर लापरवाही कैसे नजरअंदाज होती रही।
विशेषज्ञों के अनुसार, शौचालय के समीप खाद्य पदार्थों का भंडारण बैक्टीरिया और संक्रमण के खतरे को कई गुना बढ़ा देता है। दूषित दूध और उससे बने उत्पादों के सेवन से फूड पॉइजनिंग, आंतों का संक्रमण और अन्य गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
इस कार्रवाई के बाद शहर में दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ गई है। उपभोक्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि शहर की अन्य दूध फैक्ट्रियों और डेयरियों की भी नियमित एवं सख्त जांच कराई जाए, ताकि आम जनता को सुरक्षित खाद्य पदार्थ मिल सकें।
फिलहाल विभाग की नजर इस मामले पर बनी हुई है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कड़ी कार्रवाई की तैयारी है। यह छापेमारी जनस्वास्थ्य की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, लेकिन साथ ही यह भी संकेत देती है कि निगरानी तंत्र को और अधिक सक्रिय और सख्त बनाने की आवश्यकता है।
संपादक – एलिक सिंह
वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
ब्यूरो प्रमुख – दैनिक आशंका बुलेटिन, सहारनपुर
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