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22 वर्षों की सैन्य सेवा के बाद वीर सपूत सतवीर सैन का कालांवाली में ऐतिहासिक स्वागत

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22 वर्षों की सैन्य सेवा के बाद वीर सपूत सतवीर सैन का कालांवाली में ऐतिहासिक स्वागतIMG 20260404 WA0462

रिपोर्टर इन्द्र जीत प्रजापति

स्थान कालावाली

कालांवाली ने उस समय गर्व और भावनाओं से भरा दृश्य देखा, जब क्षेत्र के वीर सपूत सतवीर सैन भारतीय सेना में 22 वर्षों की निष्कलंक सेवा पूरी कर अपने घर लौटे। रेलवे स्टेशन पर उमड़ी भीड़, ढोल-नगाड़ों की गूंज, फूल-मालाओं की वर्षा और देशभक्ति के नारों ने माहौल को उत्सव में बदल दिया। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो कोई विजेता अपने रणक्षेत्र से लौटा हो।
स्टेशन से उनके घर तक स्वागत जुलूस निकाला गया, जिसमें परिजन, मित्र, ग्रामीण, व्यापारी और युवाओं की बड़ी भागीदारी रही। हर चेहरा गर्व से दमक रहा था। लोगों ने उन्हें कंधों पर उठाकर सम्मान दिया और मिठाइयों से खुशियां साझा कीं। यह केवल एक सैनिक की वापसी नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के आत्मसम्मान और देशभक्ति का उत्सव बन गया।
मीडिया से बातचीत में सतवीर सैन ने सेना के अनुभवों को जीवन की सबसे बड़ी पूंजी बताया। उन्होंने कहा कि वर्दी केवल कपड़ा नहीं, बल्कि जिम्मेदारी, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक है। युवाओं को संदेश देते हुए उन्होंने आग्रह किया कि वे देश सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ें और सेना में भर्ती होकर राष्ट्र की रक्षा में योगदान दें।
अपनी सेवा के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण अभियानों में भाग लिया। विशेष रूप से ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि उस समय उनकी टीम की प्राथमिकता दुश्मन के ड्रोन को सीमा से पहले ही निष्क्रिय करना था। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियानों में टीमवर्क, साहस और त्वरित निर्णय ही सफलता की कुंजी होते हैं।
घर पहुंचने पर परिवारजनों ने पारंपरिक तरीके से उनका अभिनंदन किया। बुजुर्गों का आशीर्वाद, बच्चों का उत्साह और युवाओं की प्रेरणा—हर आयु वर्ग के लोग इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने। क्षेत्रवासियों ने कहा कि सतवीर सैन ने न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे कालांवाली का नाम रोशन किया है।
रिटायरमेंट के बाद भी सतवीर सैन समाज सेवा और युवाओं को मार्गदर्शन देने के लिए सक्रिय रहने का संकल्प ले चुके हैं। उनका मानना है कि सेना में सीखे अनुशासन और सेवा भाव को समाज के विकास में लगाया जाना चाहिए।
यह स्वागत समारोह इस बात का प्रमाण बना कि देश के सच्चे रक्षकों के प्रति लोगों के मन में कितना सम्मान है। सतवीर सैन की घर वापसी ने कालांवाली को गर्व, प्रेरणा और देशभक्ति से भर दिया।

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