जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में लापरवाही पर सख्ती, गलत डेटा फीड करने पर एएनएम को निलंबन करने के निर्देश

सागर।वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्टर सुशील द्विवेदी 8225072664 * कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की अत्यंत महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सूचकांकों तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई। कलेक्टर ने स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही पाए जाने पर अत्यंत सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को सख़्त निर्देश दिए और स्पष्ट किया कि जनता के स्वास्थ्य से जुड़े सभी पहलू आपकी प्राथमिकता में शामिल होने चाहिए। समीक्षा के दौरान पोर्टल पर स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों की प्रविष्टि में अनियमितता और लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने इस पर नाराजगी जताते हुए निर्देश दिए कि जो भी एएनएम पोर्टल पर गलत या फर्जी डेटा अपलोड कर रही हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए। उन्होंने कहा कि डेटा की सत्यता और शुद्धता से ही वास्तविक स्थिति का आकलन संभव है, यदि आवश्यक डाटा ही गलत भरे जाएंगे तो हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं का चिन्हांकन सही तरीके से नहीं हो पाएगा। इसलिए आंकड़ों में हेरहेर करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच (ANC) की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी ब्लॉक मेडिकल अधिकारियों को निर्देशित किया कि, किसी भी सेंटर पर चालू तिमाही में एक भी गर्भवती महिला का एएनसी पंजीयन और जांच नहीं छूटनी चाहिए। प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ एएनसी चेकअप का पूरा डेटा व्यवस्थित और सही तरीके से पोर्टल पर दर्ज किया जाए। उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान और उनके प्रबंधन पर विशेष जोर देते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि ऐसी महिलाओं की शत-प्रतिशत प्री-मार्किंग की जाए। उनकी डिलीवरी किस चिन्हांकित अस्पताल में होनी है, यह पहले से तय हो, ताकि जब आवश्यक हो तो उन्हें बिना किसी देरी के समय पर अस्पताल पहुँचाया जा सके। गंभीर रूप से एनीमिया से पीड़ित महिलाओं की पहचान कर उनका उचित चिकित्सकीय प्रबंधन किया जाए। नवविवाहित महिलाओं को आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से उनकी समग्र आईडी अनिवार्य रूप से बनवाई जाए, ताकि विवाह के बाद क्षेत्र में आईं महिलाओं को समय पर लाभ मिल सके।
कलेक्टर ने ब्लॉक स्तर पर प्रशासनिक कसावट लाने के लिए बीएमओ को मासिक समीक्षा बैठकों में सेक्टर स्तर के इनपुट्स को अनिवार्य रूप से शामिल करने के निर्देश दिए। मैदानी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए यह व्यवस्था बनाई गई है कि, प्रत्येक शनिवार को सभी सेक्टर्स की बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित की जाएगी, जिसके बाद स्वयं बीएमओ इसकी विस्तृत समीक्षा बैठक लेंगे।
जिन सेक्टर्स में पद खाली हैं, वहां अन्य उपलब्ध एएनएम को प्रभार सौंपकर कार्य सुचारू रूप से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। स्टाफ की उपलब्धता के आधार पर आवश्यकतानुसार युक्तियुक्तकरण करने को कहा गया है।
बैठक में बाल स्वास्थ्य के अंतर्गत शिशु मृत्यु समीक्षा तथा मातृ मृत्यु समीक्षा की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि टीकाकरण के सभी आंकड़ों को एचएमआईएस से यूविन पोर्टल पर शीघ्रता से दर्ज किया जाए। खसरा और पल्स पोलिया अभियान की तैयारियों को लेकर भी मुस्तैदी बरतने को कहा गया। जिले में संचालित सभी 9 पोषण पुनर्वास केंद्रों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई, जिसमें प्रभारियों को सक्रिय रहकर कुपोषित बच्चों के उपचार और पोषण स्तर में सुधार लाने के निर्देश दिए गए। बैठक में टीबी नियंत्रण कार्यक्रम, मलेरिया, कुष्ठ रोग तथा कार्यक्रमों की भी गहन समीक्षा की गई और तय लक्ष्यों को समय सीमा में पूरा करने की अंतिम चेतावनी दी गई। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से विवेक के वी, प्रभारी सीएमएचओ डॉ देवेश पटेरिया, जिला कार्यक्रम अधिकारी भरत सिंह राजपूत, बीएमओ , सीडीपीओ सहित स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
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