

KANTH (MORADABAD)। सीरत कमेटी कांठ के तत्वावधान में नगर की पुरानी सब्जी मंडी में बीती रात्रि जलसा-ए-सीरतुन्नबी का आयोजन किया गया। जलसे में वक्ताओं ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की शिक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए लोगों से उनके बताए मार्ग पर चलने, बुराइयों से दूर रहने, शिक्षा ग्रहण करने और आपसी भाईचारा कायम रखने का संदेश दिया।

कार्यक्रम का आगाज कारी नौशाद आलम ने कुरआन-ए-पाक की तिलावत एवं नात-ए-पाक पेश कर किया। देवबंद से आए मुख्य अतिथि मुफ्ती रिफाकत हुसैन अबु उमामा ने अपनी तकरीर में नबी-ए-करीम की तालीमात पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हमारे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने जिंदगी गुजारने का जो तरीका बताया है, उस पर अमल करने से ही इंसान को कामयाबी हासिल हो सकती है। उन्होंने कहा कि नबी ने हमें बुराइयों से बचने, शिक्षा प्राप्त करने और आपसी भाईचारे का संदेश दिया है। प्रत्येक व्यक्ति को इन शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। जलसे के सफल आयोजन में हाजी डॉ. मोहम्मद हनीफ (सदर), हाजी समीउद्दीन, मोहम्मद अरशद सिद्दीकी, डॉ. सिराजुद्दीन अंसारी, डॉ. शुजाउद्दीन, मोहम्मद आतिफ और मोहम्मद आसिफ का सराहनीय योगदान रहा। इस अवसर पर हाजी शकील अहमद, कारी अब्दुल समी, मुफ्ती मोहम्मद जावेद, हाजी यूनुस तिवारी, ठेकेदार जुल्फिकार अहमद, हाजी रिजवान शकील आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. मोहम्मद हनीफ ने की, जबकि संचालन हाफिज साबिर ने किया। जलसे में सैकड़ों लोगों ने शिरकत की।
Repo: Pankaj Kumar, Kanth ✍️





