

आरा। भोजपुर जिले के बड़हरा प्रखंड के भुसहुला गांव निवासी यूपीएससी के विद्यार्थी रोहित सिंह के बेस्ट फ्रेंड बलदीप तिवारी के जन्मदिन को गुरुवार को बड़े ही धूमधाम के साथ और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।उनके जन्मदिन पर पहले सुबह से लेकर देर रात तक विभिन्न प्रकार के आधा दर्जन से अधिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।वहीं रोहित काफी उत्साहित होकर सभी कार्यक्रमों को सफल बनाते हुए अपनी भूमिका का निर्वहन किया। बलदीप के जन्मदिन पर आयोजित सभी कार्यक्रम बहुत ही उत्कृष्ट तरीके से आयोजित किया गया और सभी कार्यक्रम सफल भी रहा।उनके जन्मदिन पर रोहित दिन के उजाले, शाम और देर रात में भोजन लेकर गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों के बीच में पूरे सम्मान के साथ पहुंचे। इस दौरान अपने बेस्ट फ्रेंड के जन्मदिन पर 501 गरीब लोगों को माला और अंगवस्त्र से सम्मानित किया। ऐसी अच्छी और सुनहरा पल व दृश्य आमतौर पर देखने को नहीं मिलता है। गरीबों को सम्मानित करने के बाद सभी गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों के बीच में शुद्ध सात्विक भोजन, शुद्ध पेयजल, भगवान भोलेनाथ का प्रसाद, केक, विभिन्न प्रकार के मिठाई, अंगवस्त्र, विभिन्न प्रकार के फल, नगद रुपए और राहत सामग्री का वितरण कर सभी गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों का पैर छूकर बलदीप तिवारी के उत्तम स्वास्थ्य और सुखद भविष्य के लिए आशीर्वाद और दुआ मांगा। दिल्ली के सड़कों के किनारे भूखे पेट सोए हुए महिलाएं, मासूम बच्चे, बुजुर्गों व अधेड़ गरीबों को बहुत ही प्यार से नींद से उठाकर शुद्ध सात्विक भोजन करवाया। भोजन और प्रसाद पाने के बाद सभी गरीब और जरूरतमंद लोगों के चेहरे खिलखिला उठे और चेहरे पर मुस्कुराहट आ गई। भोजन पाने के बाद गरीबों के चेहरे पर जो हृदय की गहराइयों से शीतल मुस्कुराहट आई, इससे रोहित का हृदय भी गदगद हो गया।आज के इस युग में एक दोस्त दूसरे दोस्त पर इतना श्रद्धा और विश्वास नहीं रखता है।आज पूरे देश भर में रोहित और बलदीप की सच्ची दोस्ती की चर्चा जोर-शोर से हो रही है। रोहित और बलदीप की दोस्ती ने इस विश्वासघाती समय में भी दोस्तों के प्रति विश्वास का भाव उत्पन्न कर दिया है और दोनो की दोस्ती ने समाज में सकारात्मक संदेश भी दिया है। सच्ची दोस्ती को लेकर दोनो की दोस्ती उदाहरण बन गई है। जैसे कि लोग भगवान श्री कृष्णा और पंडित सुदामा की दोस्ती का उदाहरण देते हैं, वैसे ही आज के समय में देश के लोग इन दोनो की दोस्ती का उदाहरण दे रहे हैं कि यदि दोस्ती हो तो इन दोनो की जैसी हो।इन दोनो की दोस्ती ने दोस्ती पर से उठते विश्वास के इस दौर में दोस्त के प्रति विश्वास की सच्ची भाव रखने की उम्मीद की एक किरण बन कर सामने आई है। स्थानीय लोगों ने कहा कि इन दोनो की दोस्ती से हम सभी को प्रेरणा मिल रही हैं।इन दोनो की दोस्ती जन्मों- जन्म तक सलामत रहे। हम सभी आशीर्वाद देते हैं कि इन दोनो की दोस्ती हमेशा कायम रहे।इन दोनी की दोस्ती भगवान श्री कृष्णा और पंडित सुदामा की जैसी है।इन दोनो की दोस्ती से यह प्रतीत होता है कि आज भी यानी इस कलयुग में भी सच्ची दोस्ती जिंदा है।












