
प्रशासन की चेतावनी के बाद भी बाढ़ के पानी में स्टंट करते बच्चे
जान जोखिम में डालने से चूंक नही रहे बच्चे व युवा, हो सकता है बड़ा हादसा, परिजनों को नही
है खबर
फर्रुखाबाद शमसाबाद गंगा नदी में छोड़े जा रहे पानी से प्रशासन अलर्ट बना हुआ है। जगह-जगह गांवों में डुगडुगी पिटवाई जा रही है। इसके बावजूद भी परिजनों की लापरवाही के कारण बाढ़ के गहरे पानी में नवयुवक स्टंट करते हुए नजर आ रहे हैं।
तहसील क्षेत्र गांव नगला देवी दास के लिए जाने वाली रास्ता पर एक गंगा का सोता है जिसमें तेज धार पानी की चल रही है। गांव के बच्चों के द्वारा गहरे पानी में उतरकर नहाते हुए नजर आ रहे हैं प्रशासन के द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है कि बच्चे घर में रहे सुरक्षित रहें। कोई भी ग्रामीण अपने बच्चों को गहरे पानी में न जाने दें। लेकिन ऐसा देखने को नहीं मिला
बच्चों के स्टंट करने पर अगर नियंत्रण नहीं लगाया गया तो किसी भ्ली समय कोई अप्रिय घटना घटित हो
सकती है। बताते चलें कि बाढ़ की संभावना और पानी के स्तर में लगातार हो रही बढोत्तरी को लेकर जिला प्रशासन एलर्ट बना हुआ है। क्षेत्र में बाढ़ राहत चौकियां भी स्थापित की गई है। तमाम गांव पानी से घिरे हुए हैं ऐसे में ग्रामीण भारी परेशानियों में जीवन यापन कर रहे है। कुछ लोग तो घरों से पलायन कर गये। हांलाकि बाढ का पिछले वर्षों जैसा प्रकोप अभी देखने को नहीं मिला है। लेकिन पहाडों पर हो रही बरसात और बांधों से बराबर छोडे जा रहे पानी से गंगा और राम गंगा के जल स्तर में निरंतर बढोत्तरी के चलते बाढ का खतरा बराबर मंडरा रहा है। बाढ़ की स्थिति में ग्रामीणों को राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन पूरी तरह से प्रतिवद्ध बना हुआ है। बच्चे पानी में अपने स्वभाव के अनुसार खेलते है जो खतरनाक है।



