
गंगा घाट में 5 से 10000 से 10000 से अधिक दिनों में अब तक कर दिए गए हैं सोशल मीडिया में मनगढ़ंत की खबरें पुलिस पर दबाव बनाने के लिए पीड़ितों से मिलने वाली रात का दस्तावेज और इन दस्तावेजों के बीच में शामिल हैं, शासन की ओर से सिलिकॉन या यूटयूबर्स के फेसबुक या दोस्तों के बीच वह फेसबुक या मित्र मंडल में शामिल हैं। लेकिन गंगा घाट में 100 साल पुराने मीडिया में सक्रिय रहने वाले ने आरोप लगाया कि पीपल के पेड़ के नीचे के संरक्षण में कुछ तो लुप्त हो गए अगल-बगल आसानी से दिखाई दे रहे हैं जैसे ही नागालैंड में किसी भी पीड़ित का प्रवेश होता है इन श्लोकों की गीदड़ दृष्टि उसे पैड पर जाती है पीड़ित व्यक्ति अपना प्रार्थना पत्र पुलिस को दे भी नहीं सकता इससे पहले यह लोग पीड़ित से प्रार्थना पत्र ले लेते हैं और ऐसी बातें करते हैं जैसे खुद ही एसपी हो 5 से ₹10000 तक का ऑफर तय हो जाता है कि डील तय हो जाने के बाद येही हितधारकों का प्रार्थना पत्र स्मारक को अंतिम रूप दिया जाता है। खुशी हो जाती है अपने समूह के विरुद्ध अपने गांव में बहुत सारे नमूने दिखते हैं इस संबंध में इस संबंध में जांच के साथ ही समर्थकों को कड़ी कार्रवाई करने की सलाह दी गई है किया जाएगा






