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 ग्राम पंचायतों की कलस्टर बैठक में अनूपपुर जिला पंचायत सीईओ ने स्व करारोपण के संबंध में दिए दिशानिर्देश

ग्राम पंचायतें आत्मनिर्भर बनने स्वयं के आय में करें वृद्धि  

बृजेश मिश्रा अनूपपुर जिले के ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उनकी स्वयं की आय में निरन्तर वृद्धि होना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 में ग्राम सभा तथा पंचायती राज संस्थाओं को विभिन्न अनिवार्य एवं वैकल्पिक कर तथा फीस आदि अधिरोपित तथा संकलित करने का अधिकार प्रदान किया गया है। ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण जनसुविधाएं उपलब्ध कराए जाने हेतु इन करों तथा फीस आदि का अधिरोपण एवं संकलन अतिआवश्यक हो गया है। जिसके तारतम्य में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री तन्मय वशिष्ठ शर्मा द्वारा जिले के जनपद पंचायत कोतमा के बुढ़ानपुर, निगवानी, कोठी, जनपद पंचायत अनूपपुर के कदमटोला, बदरा, चपानी, खोड़री नं. 02, आमाडांड़, जनपद पंचायत जैतहरी के फुनगा, केल्हौरी, सकरा, धनगवां पूर्वी, वेंकटनगर, मनौरा और गौरेला के कलस्टर स्तर की बैठक लेकर सम्मिलित ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक की बैठक लेकर स्व करारोपण के संबंध में प्रशिक्षण प्रदान कर ग्राम स्तरीय अमले का उन्मुखीकरण किया गया है। कलस्टर स्तरीय बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा जल कर, सम्पत्ति कर एवं स्वच्छता कर के वसूली के संबंध में समीक्षा कर आवश्यक दिशानिर्देश अमले को दिए गए हैं। कलस्टर स्तरीय बैठक में 15 वें वित्त अंतर्गत टाईड फण्ड के व्यय राशि की समीक्षा, यूपीआई/क्यूआर की समीक्षा, जेम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की समीक्षा, ऑडिट ऑनलाईन की समीक्षा करते हुए अमले को प्रगति लाए जाने के संबंध में निर्देश दिए हैं। क्लस्टर स्तरीय बैठक में बताया गया है कि मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 77 क के द्वारा सम्पत्ति कर को ग्राम सभा द्वारा अधिरोपित किए जाने वाले अनिवार्य कर में सम्मिलित करते हुए प्रावधानित किया गया है कि पंचायतों में भूमि, भवन या दोनों पर, जिसका मूल्य छह हजार से अधिक होगा। ऐसे संपत्तियों पर संपत्ति कर वसूल किया जाएगा। ग्राम पंचायत क्षेत्र में स्थित समस्त निजी आवासीय एवं व्यवसायिक संपत्तियों के साथ-साथ समस्त संस्थान जो कि निगम, मण्डल, कंपनी, बोर्ड, ट्रस्ट एवं प्राधिकरण आदि के रूप में कार्य कर रहे हैं, जैसे कि विद्युत वितरण कंपनियां, पर्यटन विकास बोर्ड, वनोपज सहकारी संघ, औद्योगिक विकास निगम, खनिज विकास निगम, कृषि विपणन बोर्ड आदि की पंचायत क्षेत्र में स्थित संपत्तियों को भी संपत्ति कर निर्धारण एवं संकलन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। कलस्टर स्तरीय बैठक में जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री के.के. सोनी, संबंधित जनपद सीईओ तथा जिपं. के सीनियर डाटा मैनेजर सहित सर्व संबंधित जन उपस्थित

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