ब्रेकिंग न्यूज़,बरडीहा में खेल के दौरान मारपीट कस्तूरबा विद्यालय की 10छात्रा घायल
खेल के दौरान दो विद्यालय की छात्राओं के बीच मारपीट हुई.
संवाददाता अखिलेश विश्वकर्मा गढ़वा बरडीहा से बरडीहा प्रखंड मुख्यालय स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय के बाहर मैदान में ,,खेलो झारखंड,,खेल के दौरान दो विद्यालय की छात्राओं के बीच मारपीट हुई. इस दौरान विवाद बढ़ने पर ओबरा एवं बरडीहा की छात्राओं का पक्ष लेकर कई बाहरी छात्रों ने कस्तूरबा विद्यालय की चहारदीवारी एवं गेट फांदकर पत्थरबाजी सुरु कर दी. जिसमे कस्तूरबा गांधी विद्यालय की 10 छात्रायें क्रमशः मायावती कुमारी 15वर्ष, पम्मी कुमारी15वर्ष, नेहा कुमारी 16वर्ष, चांदनी कुमारी15वर्ष,बबिता कुमारी 15वर्ष, आरती कुमारी15वर्ष, प्रीति कुमारी16वर्ष, लक्ष्मी कुमारी15वर्ष, दया कुमारी15वर्ष एवं रूपवती कुमारी15वर्ष घायल हो गई. जिसमे छह छात्रायें गंभीर चोट के कारण बेहोश हो गई थी.सभी को 108एम्बुलेंस से मझिआंव रेफरल अस्पताल भेजा गया. खबर लिखे जाने तक सात बजे तक सभी का चिकित्सक द्वारा इलाज किया जा रहा था.
छोटे से विवाद ने लिया बड़ा रूप घटना के संबंध में कस्तूरबा गांधी विद्यालय की छात्रायें खुशबू, शोभा, कौशल्या, शकुन्तला, सबिता, निशा, प्रियंका, संगम आदि ने बताया कि कबड्डी, दौड़ सहित अन्य कई खेलों में कस्तूरबा गांधी की छात्राएं जीत रही थी और इसकी खुशी में सभी मैदान पर ही जश्न मनाने लगी. इसी बीच दूसरे विद्यालय की कई छात्रा हम लोगों को बाल खींच कर मारी. इस विवाद के बाद शिक्षक के कहने पर हम सभी अपने विद्यालय की चहारदीवारी में आ गई. इसके बाद बाहर से लगभग पांच लड़के हमारे विद्यालय की चहारदीवारी फांद कर घुस गए और पत्थर चलाकर मारने लगे. जिसमे हम सभी घायल हो गई.
15अगस्त के बाद बिना वार्डन के चल रहा कस्तूरबा विद्यालय,महिला गार्ड के भरोसे चल रहा विद्यालय
*दो सौ छत्राओं की सुरक्षा का जिम्मा तीन महिलाओं पर

घटना के संबंध में बताते हुए विद्यालय की गार्ड आशा देवी ने बताया कि 15अगस्त को गंभीर आरोप लगने के बाद वार्डेन को हटा दिया गया था. इसके बाद जब दूसरे वार्डेन को भेजा गया तो वे भी दो दिन के अंदर स्तीफा देकर चली गई. जिसके कारण मैं और दो रसोइया के साथ मिलकर मात्र तीन महिलाएं विद्यालय में चौबीस घंटे रहकर छात्राओं का हिफाजत करती हूं.
*बीपीएम आरसी मुर्तुजा ने बताया कि मामूली विवाद खेल मैदान में हुआ था इसके बाद कुछ लड़के पत्थरबाजी कर छात्राओं को घायल कर दिये. उन्होंने विद्यालय में वार्डन नही होने की बात को स्वीकार किया और कहा कि इसके लिए विभाग को लिखा गया है*
*थाना प्रभारी ने लिया था लड़कियों की सुरक्षा का जिम्मा*

इस संबंध में एक छात्रा के अभिभावक मंदिस राम ने बताया कि14अगस्त की रात्री में घटी घटना के बाद हम लोग अपनी बच्चियों को घर ले जा रहे थे लेकिन नही ले जाने दिया गया. और थाना प्रभारी ने आस्वासन दिया था कि बच्चियों की सुरक्षा का पूरा जिम्मा मेरा है लेकिन उन्होंने अपनी जिम्मेदारी ठीक से नही निभाई. इस तरह हम अपनी बच्चीयों को असुरक्षित नही छोड़ सकते.


