

नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। अब तक 675 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 275 से अधिक भारतीय लापता हैं। 108 भारतीयों को बचाया जा चुका है और चीन में मौजूद करीब 900 भारतीय सुरक्षित हैं। भारत ने राहत सामग्री, बचाव दल और पुल निर्माण का सामान नेपाल भेजा है।
नेपाल में भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने ट्वीट किया, “भारत से राहत सामग्री से भरी चौथी उड़ान, जिसमें कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और स्वच्छता किट सहित 11 टन सामग्री थी, काठमांडो पहुंच गई है। इस उड़ान में सुरंग खोज और बचाव अभियान के लिए अतिरिक्त तकनीकी दल और उपकरण भी लाए गए हैं।”
नेपाल में बाढ़ की स्थिति पर देश के वित्त मंत्री डॉ. स्वर्णिम वागले ने कहा, “हमें भारत से बहुत राहत सामग्री की आपूर्ति मिली है। मुझे लगता है कि राहत सामग्री लेकर तीन विमान पहले ही आ चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री ने एकजुटता व्यक्त करने और नेपाल को आवश्यक हर तरह की सहायता देने का वादा करने में बहुत सकारात्मक रुख दिखाया है। वे फंसे हुए कुछ भारतीय तीर्थयात्रियों के बारे में भी चिंतित हैं और उनका बचाव भी हमारी प्राथमिकता है।”
नेपाल में 26 अगस्त की विनाशकारी बाढ़ के बाद भोटेकोशी नदी का पानी और बहाव फिर बढ़ने से प्रशासन सतर्क हो गया है। नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जिलों के नदी किनारे बसे लोगों और राहत टीमों को बेहद सावधान रहने की चेतावनी दी है। नदी के बढ़ते शोर और तेज बहाव की सूचना के बाद आपात सेवाओं को अलर्ट पर रखा गया है। बाढ़ में अब तक 675 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,418 लोग लापता या संपर्क से बाहर हैं। इनमें 287 भारतीय नागरिक और 128 भारतीय मूल के लोग शामिल हैं। इस बीच रसुवा के जलविद्युत परियोजना में फंसे चार भारतीयों को बचा लिया गया है। अब तक 88 भारतीयों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में चौबीसों घंटे चलने वाला कंट्रोल रूम बनाया है। काठमांडू और बीजिंग स्थित भारतीय दूतावासों में भी हेल्पलाइन शुरू की गई हैं। भारत ने सुरंगों की जांच और बचाव के लिए विशेष तकनीकी दल नेपाल भेजा है। यह दल प्रभावित क्षेत्र में काम शुरू कर चुका है। उसकी सिफारिश के आधार पर विशेष सुरंग बचाव दल और उपकरण भी नेपाल पहुंचने हैं। नेपाली अधिकारी बाढ़ में मारे गए लोगों की पहचान के लिए भारतीय फोरेंसिक टीम की मदद लेंगे।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक 275 से अधिक भारतीय नागरिक और भारतीय मूल के 128 लोग अब भी लापता या संपर्क से बाहर हैं। नेपाल में अब तक 108 भारतीय नागरिकों को बचाया जा चुका है। इनमें से पहले संपर्क से बाहर रहे करीब 50 भारतीयों से दोबारा संपर्क भी स्थापित किया गया है। रसुवा के एक जलविद्युत परियोजना से चार भारतीयों रिपु कुमार, चनेश्वर नरजारी, कृपा शंकर और मोहम्मद मिनहाजुद्दीन को बचाया गया है। इन सभी के जल्द काठमांडू पहुंचने की उम्मीद है।




