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जिला सूचना कार्यालय, हमीरपुर दिनांक: 29 अगस्त 2026 *अतिवृष्टि एवं नदियों के बढ़े जलस्तर के दृष्टिगत मौदहा तहसील में राहत एवं सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी* हमीरपुर। विगत दिनों हुई वर्षा एवं बांधों से छोड़े गए अतिरिक्त पानी के कारण तहसील मौदहा क्षेत्र में प्रवाहित होने वाली नदियों एवं नालों का जलस्तर बढ़ने से कुछ ग्रामीण मार्गों एवं रपटों पर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई है। जिला एवं तहसील प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार निगरानी रखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा, राहत एवं आवागमन के वैकल्पिक प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं। ग्राम शिवनी में मुस्करा-विलगांव मार्ग पर बर्मा नदी के बढ़े जलस्तर के कारण जलभराव से प्रभावित बस्तियों बगिया का डेरा, रजवा का डेरा, धुनका का डेरा एवं नाथूपाल का डेरा के निवासियों को बाबा गंगादास की कुटी में स्थापित आश्रय स्थल पर सुरक्षित विस्थापित किया गया है।

जिला सूचना कार्यालय, हमीरपुर

दिनांक: 29 अगस्त 2026

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*अतिवृष्टि एवं नदियों के बढ़े जलस्तर के दृष्टिगत मौदहा तहसील में राहत एवं सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी*

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हमीरपुर। विगत दिनों हुई वर्षा एवं बांधों से छोड़े गए अतिरिक्त पानी के कारण तहसील मौदहा क्षेत्र में प्रवाहित होने वाली नदियों एवं नालों का जलस्तर बढ़ने से कुछ ग्रामीण मार्गों एवं रपटों पर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई है। जिला एवं तहसील प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार निगरानी रखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा, राहत एवं आवागमन के वैकल्पिक प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं।

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ग्राम शिवनी में मुस्करा-विलगांव मार्ग पर बर्मा नदी के बढ़े जलस्तर के कारण जलभराव से प्रभावित बस्तियों बगिया का डेरा, रजवा का डेरा, धुनका का डेरा एवं नाथूपाल का डेरा के निवासियों को बाबा गंगादास की कुटी में स्थापित आश्रय स्थल पर सुरक्षित विस्थापित किया गया है। प्रभावित परिवारों को राशन किट एवं राहत सामग्री वितरित की जा चुकी है तथा आवागमन के लिए नावों का संचालन कराया जा रहा है। वर्तमान में बाढ़ का पानी घट रहा है।

 

लरौंद, फत्तेपुरवा, इचौली, गुरदहा, हिमौली एवं पढ़ोरी क्षेत्रों में भी विभिन्न नदियों एवं नालों के बढ़े जलस्तर के कारण रपटों पर पानी बहने की स्थिति बनी हुई है। सुरक्षा की दृष्टि से संबंधित मार्गों पर आवागमन रोकते हुए करहिया, ग्योड़ी तथा सिरोलर-टिकरी जैसे वैकल्पिक मार्गों से यातायात डायवर्ट किया गया है। ग्रामीणों की सहायता एवं सुरक्षित आवागमन के लिए आवश्यकतानुसार नावों का संचालन भी कराया जा रहा है।

 

प्रशासन द्वारा सभी संवेदनशील रपटों एवं जलभराव वाले स्थानों पर पुलिस एवं राजस्व टीमों की तैनाती कर सतत निगरानी की जा रही है। प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार भोजन, राहत किट एवं चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

 

जिला प्रशासन के अनुसार वर्तमान में सभी प्रभावित ग्रामों की आबादी एवं कृषि क्षेत्र सुरक्षित हैं तथा नदियों एवं नालों के जलस्तर में निरंतर गिरावट दर्ज की जा रही है। प्रशासन द्वारा आमजन से अपील की गई है कि जलभराव वाले रपटों एवं नदी-नालों को पार करने का प्रयास न करें तथा प्रशासन द्वारा लगाए गए बैरियर एवं डायवर्जन व्यवस्था का पालन करते हुए ही आवागमन करें।

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