A2Z सभी खबर सभी जिले कीअन्य खबरेउत्तर प्रदेशताज़ा खबरसिद्धार्थनगर 

सिद्धार्थ विश्वविद्यालय मे हिन्दी पखवाड़ा मे पत्र लेखन शुरू किया गया

सिद्धार्थ विश्वविद्यालय,
कपिलवस्तु में चल रहे हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत आज विद्यार्थियों हेतु पत्र-लेखन से संबंधित कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. सत्येन्द्र कुमार दुबे ने कहा कि हिंदी पखवाड़े के आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में राजभाषा हिंदी के प्रति अनुराग तथा गर्व-भाव पैदा करना, उसके प्रयोग में दक्ष बनाना तथा लेखन-कौशल का विकास करना है। विद्यार्थी कोई भी विषय पढ़े, पर भाषा की भूमिका हर विषय में महत्वपूर्ण है। हिंदी में कार्यदक्षता प्राप्त कर हम अपने को ही सक्षम नहीं बना रहे होते हैं राजभाषा को भी सशक्त कर रहे होते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सही हिंदी लिखने-बोलने पर जोर दिया और कहा कि विद्यार्थी प्रारंभिक स्तर पर ही सही ढंग से भाषा-ज्ञान प्राप्त कर ले तो हिंदी लिखने-पढ़ने में गलती हो ही नहीं सकती।
कार्यशाला में विषय-प्रवर्तन करते हुए संयोजक प्रो. हरीशकुमार शर्मा ने कहा कि पत्र-लेखन की महत्ता आज भले घटी है, पर आवश्यकता आज के डिजिटल दौर में भी हमें विभिन्न स्तरों पर पड़ती है। पत्र-लेखन के अनेक प्रकार हैं और उन सबकी अपनी-अपनी प्रविधि है। अच्छे पत्र-लेखन के लिए सही प्रारूप का ही ज्ञान नहीं होना चाहिए, सही भाषा भी आनी चाहिए। पत्र लिखने से लेखन-कौशल का विकास होता है, अतः विद्यार्थियों को खूब पत्र लिखने चाहिए।
इस अवसर पर अंग्रेजी विभाग के डॉ. हृदयकांत पांडेय ने उपस्थित विद्यार्थियों को पत्र-लेखन के अनेक प्रकार बताए और उनकी लेखन प्रविधि पर प्रकाश डालते हुए अंग्रेजी और हिंदी में पत्र लेखन की शैली का अंतर भी समझाया। डॉ. विनीता रावत ने औपचारिक एवं अनौपचारिक पत्रों से संबंधित अनेक विशेषताएं बताते हुए उनके लिखने की विविध शैलियों पर प्रकाश डाला। कार्यशाला में अतुल उपाध्याय, दीपक, शुभम कुमारी, कुमकुम, दीप्ति आदि कई विद्यार्थियों ने अनेक जिज्ञासाएं व्यक्त कीं, जिनका समुचित समाधान विशेषज्ञों ने किया। इस अवसर पर प्रतिभागी समस्त विद्यार्थियों से पत्र भी लिखवाए गए। कार्यशाला में डा. अब्दुल हफीज की भी उपस्थित रही। धन्यवाद-ज्ञापन डॉ. जयसिंह यादव ने किया और पत्र-लेखन से सम्बंधित अनेक पहलुओं पर प्रकाश डाला। राहुल, राजेश आदि कर्मचारियों ने व्यवस्था बनाने में सहयोग किया।

Back to top button
error: Content is protected !!