
इस कागजी मानव के काम करने की रफ्तार इतनी तेज थी कि वर्ष 2017 में 182 दिन, 2018 में 206 दिन, 2019 में 128 दिन, 2020 में 70 दिन, 2021 में 147 दिन, 2022 में 119 दिन, 2023 में 119 दिन और भित्ति वर्ष 2024 में जनवरी से लेकर सितंबर तक 110 दिन काम कराया। इस तरह इस कागजी मानव ने कुल 8 वर्षों में 1081 दिन काम किया है और उसे मजदूरी के रूप में लगभग 205390 का
भुगतान किया गया है। ग्राम पंचायत करैल अंतर्गत वार्ड क्रमांक 10 ग्राम चंदरसा निवासी इस तथाकथित मजदूर की खोज के लिए हमने वहां के पूर्व पंच सूरज लाल को उनके दूरभाष नंबर 8839 7724 50 पर संपर्क किया तो उन्होंने भी शिव प्रसाद पिता शिव प्रसाद की जानकारी होने में असमर्थता जाहिर की है। उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत करैल के वार्ड क्रमांक 10 चंदरसा में कुल 174 महिला व
पुरुष मतदाता है जिम शिवप्रसाद नाम का कोई भी मतदाता उपलब्ध नहीं है । इतना ही नहीं यहां पर एक जॉब कार्ड एमपी 15-007 -037-009/43 बना हुआ है जो ट्रैक्टर के नाम पर है और उसका पिता तल है । अब इसे रोजगार सहायक वह एक दशक से सह प्रभारी सचिव शिव प्रसाद यादव की खोज ना कहा जाए तो और क्या कहा जाए। वैसे भी झोपड़ी से शीशमहल तक का सफर कोई यूं ही तय नहीं करता।


