
भागलपुर/पिंडी (देवरिया)। इलाज के लिए दो समूहों से लिए 1.80 लाख रुपये लोन की किस्त नहीं चुका पाने के कारण कर्मचारियों द्वारा धमकाने से तनाव में आकर एक अधेड़ महिला ने ट्रेन के आगे कूद कर जान दे दी। बताया जा रहा है कि समूह के कर्मचारियों ने महिला को लोन की किस्त नहीं देने पर घर के सामान उठा ले जाने की धमकी दी थी। इसी तनाव में महिला ने मुरासो गांव के समीप ट्रेन के आगे कूद कर जान दे दी।लार थाना क्षेत्र के रेवली गांव निवासी इंद्रावती देवी (50) पत्नी दहारी प्रसाद की घर की माली हालत ठीक नहीं है। उसके तीन बेटे और एक बेटी है। बड़ा लड़का गंगासागर मुंबई रहता है उसकी शादी हो गई है। दूसरा लड़का रामसागर दिव्यांग है और घर रहता है। तीसरा लड़का शिवसागर दिल्ली में नौकरी करता है। दस दिन पहले दहारी प्रसाद भी मुंबई कमाने के लिए गए थे। बताया जा रहा है कि महिला ने इलाज के नाम पर एक समूह से डेढ़ लाख और एक अन्य समूह से 30 हजार रुपये लोन लिए थे। शुरू में लोन की किस्त समय से चुकता करती रही, लेकिन बाद में आर्थिक स्थिति बिगड़ने के कारण किस्त समय से नहीं जमा कर पा रही थी। इसके चलते समूह के कर्मचारी अक्सर धमकाते थे।
महिला के परिजनों की मानें तो समूह के भाटपाररानी व सलेमपुर के कर्मचारी उसके घर पहुंच गए और किस्त नहीं देने पर खूब खरी-खोटी सुनाई। देर शाम तक उसके दरवाजे पर मौजूद रहे। किस्त नहीं जमा करने पर उसे उठाकर ले जाने व घर के सामान को उठा ले जाने की धमकी दी थी। दोनों कर्मचारियों ने सुबह 11 बजे आने की बात कही थी। इधर कर्मचारियों का दबाव व घर के सामान उठा ले जाने की बात से महिला तनाव में आ गई थी। में वह घर से निकली और मुरसो गांव के सामने पुलिया के पास ट्रेन के आगे कूद कर जान दे दी। खेत की ओर गए ग्रामीणों ने शव को देख मईल पुलिस को सूचना दी। मईल और लार पुलिस मौके पर पहुंची। शव लार थानाक्षेत्र में पड़ने के कारण लार पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए देवरिया भेज दिया। लार एसओ कपिल देव चौधरी ने बताया कि ट्रेन से कटकर महिला की मृत्यु हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए देवरिया भेज दिया गया है। जांच की जा रही है।







