
पीलीभीत – भारत संचार निगम की गिरती शाख में निगम के अधिकारियों / कर्मचारियों की कार्यप्रणाली का बहुत बड़ा योगदान है। निगम ने अपने टावरों के सुचारू संचालन हेतु टावर्स पर कोई कर्मचारी नियुक्त नहीं किया है। टावरों पर बैटरियाँ नहीं हैं,परिणामस्वरूप जब तक बिजली रहती है,तबतक ही टावर संचालित होते हैं। अगर हम यह कहें कि BSNL राम भरोसे चल रहा है, तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। वन्दे भारत ने जब अकस्मात पीलीभीत नगर स्थित कार्यालय का अवलोकन किया तो सहायक महा प्रबन्धक अपनी कुर्सी पर विराजमान न होकर सोफ़े पर आराम फरमाते नज़र आये। क्या ऐसे ही उत्थान की ओर अग्रसर होगा BSNL .? महा प्रबन्धक दूर संचार को चाहिए कि वे प्रत्येक टावर पर देखरेख करने को कर्मचारियों की नियुक्ति करें। अन्यथा डूबा हुआ BSNL कभी उबर नहीं पायेगा।
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