Lakhimpur Kheri News: मेडिकल अस्पताल में अबतक नहीं बना डी-ब्लॉक
Lakhimpur Kheri News: मेडिकल अस्पताल में अबतक नहीं बना डी-ब्लॉक
D-block has not been built in the medical hospital yet
लखीमपुर खीरी। शासन ने भले ही जनपद को मेडिकल कॉलेज की सौगात दे दी है, लेकिन इसका लाभ जिलेवासियों को कब मिलेगा अभी कुछ पता नहीं। कारण, मेडिकल अस्पताल का महत्वपूर्ण भाग डी-ब्लॉक का निर्माण ही शुरू नहीं हो सका है, जबकि समय सीमा काफी पहले निकल चुकी है। आखिर यह लापरवाही किसकी है। जिम्मेदार कुछ बताने को क्यों पीछे हट रहे हैं।
देवकली में मेडिकल कॉलेज का भवन बनकर तैयार हो चुका। वहां पर एमबीबीएस डॉक्टरों की पढ़ाई भी शुरू हो चुकी है, लेकिन पुराने जिला अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन मेडिकल अस्पताल अब भी अधूरा है। मेडिकल अस्पताल का निर्माण चार हिस्सों में कराया जाना है। ए, बी और सी ब्लॉक का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। डी-ब्लॉक बनना अभी शुरू नहीं हो सका है। जब तक डी-ब्लॉक का निर्माण पूरा नहीं होता है तब तक मेडिकल अस्पताल शुरू नहीं हो सकता है।
बताते हैं कि ठेकेदार को डी-ब्लॉक के लिए जमीन काफी देरी से मिली थी। उस जमीन पर पहले सीटी स्कैन मशीन संचालित थी। करीब एक साल बाद वह जमीन मिली। तब तक निर्माण की लागत काफी बढ़ चुकी थी। बजट की मांग की, जो मिला नहीं। यही वजह है कि आज तक डी-ब्लॉक का निर्माण शुरू नहीं हो सका। जानकारों का कहना हैै कि जब भी निर्माण शुरू होगा उसे पूरा होने में करीब 10-11 महीने का वक्त लगेगा।
मेडिकल अस्पताल का निर्माण अब तक पूरा न होने के पीछे कुछ भी वजह हो, लेकिन खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज होने के बाद भी मरीजों को लखनऊ, बरेली सहित अन्य बड़े शहरों में इलाज करने के लिए जाना पड़ता है।

कहां प्रैक्टिस करेंगे अभ्यर्थी
देवकली में स्थित मेडिकल कॉलेज में कक्षाएं शुरू हो चुकी है। पढ़ाई के साथ-साथ अभ्यर्थियों को मेडिकल अस्पताल में प्रैक्टिस कराई जानी है, लेकिन अभी तक अस्पताल का निर्माण ही पूरा नहीं कराया तो अभ्यर्थी प्रैक्टिस कहां करेंगे।
400 बेड का होगा मेडिकल अस्पताल
शहर में निर्माणाधीन मेडिकल अस्पताल 400 बेड का होगा। इसमें 350 बेड मुख्य अस्पताल के, जबकि 50 बेड महिला अस्पताल के होंगे। मेडिकल अस्पताल के पास ही जिला महिला अस्पताल परिसर में डॉक्टरों के आवास बनाए जा रहे हैं। मेडिकल अस्पताल का निर्माण 261 करोड़ रुपये के बजट में कराया जा रहा।
कार्यदायी संस्था के अफसर बोले- वह बताने को अधिकृत नहीं
डी-ब्लॉक का निर्माण अब तक पूरा न होने के पीछे का कारण जानने के लिए कार्यदायी संस्था के अफसर से बात की तो उन्होंने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। कहा कि वह बताने को अधिकृत नहीं हैं। डीएम ही इसमें कुछ बता सकते हैं। जब डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के सरकारी नंबर पर फोन किया तो किसी कर्मचारी ने फोन उठाया। दो बार फोन करने के बाद कर्मचारी ने थोड़ी देर बाद बात कराने की बात कही, लेकिन देर शाम तक बात नहीं कराई।
ठेकेदार को जमीन देर से मिली थी। इस कारण निर्माण की लागत बढ़ गई। इस कारण ठेकेदार ने डी-ब्लॉक का निर्माण करने से मना कर दिया। इसी वजह से इसका निर्माण पूरा नहीं हो पा रहा है। अब यह मामला शासनस्तर का है। -डॉ. देशदीपक आर्य, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, लखीमपुर








