
बीसीसीएल एरिया 5 अंतर्गत मोदीडीह कोलियरी क्षेत्र में आउटसोर्सिंग कंपनी का काम कुछ दिनों से बंद है, जिसको लेकर बुधवार को बीसीसीएल द्वारा सर्वे का काम कराया जा रहा था , जिसकी भनक ग्रामीणों को हुआ ,जहां ग्रामीण महिलाओं ने बीसीसीएल प्रबंधन को चेतावनी देते हुए काम को रोक दिया है
, ग्रामीणों का मांग था की सांसद और ग्रामीण के बीच वार्ता के बाद ही काम होगा , जिस पर प्रबंधन ने भी अपनी सहमति दे दिया है और काम को रोक दिया गया है। तेतुलमुडी मौजा में 54.82 एकड़ भूमि का अधिग्रहण जिसमें 13.43 एकड़ भूमि तेतुलमुडी पैच के ब्लास्टिंग क्षेत्र में है और 06 डिसमिल भूमि खनन क्षेत्र में स्थित है साथ ही साथ दो पौराणिक मंदिर (शिव और काली) भी कटाव क्षेत्र में स्थित है उपरोक्त विषय के संबंध में जुलाई माह में पत्राचार किया गया था जिस पर प्रधानमंत्री कार्यालय, कोयला मंत्री, कोयला राज्य मंत्री, अवर सचिव राजस्व निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग, (भू अर्जन निदेशालय) झारखंड सरकार, राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग, धनबाद सांसद एवं गिरिडीह सांसद ने संज्ञान लिया युक्त बातें विष्णु महतो ने जानकारी देते हुए कहा राजस्व निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग, (भूअर्जन निदेशालय) झारखंड सरकार के अवर सचिव द्वारा मौजा तेतुलमुडी में बीसीसीएल द्वारा रेयतों की भूमि अधिग्रहण किए बिना उत्खनन कार्य करने के संबंध में उपायुक्त धनबाद को आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही है एवं कृत कार्रवाई से आवेदक एवं भू अर्जन निदेशालय को भी अवगत करने को कहा गया है लेकिन इस संबंध में धनबाद उपायुक्त की तरफ से उक्त पत्र के आलोक मे कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है।दूसरा राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग द्वारा भी पत्र प्राप्त हुआ है जिसमें बीसीसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक को भी शिकायतकर्ता को शामिल करते हुए 8 सप्ताह के भीतर उचित कार्रवाई करने और उस मामले में की गई कार्रवाई से अवगत कराने का निर्देश दिया गया है लेकिन इस संबंध में भी अभी तक कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है।
लेकिन कुछ दिन पहले अखबारों एवं व्हाट्सएप के माध्यम से सूचना मिल रही है कि 1 नवंबर से कंपनी का कार्य पुनः शुरू होगा बीसीसीएल प्रबंधन की नीति ही ठीक नहीं है उसे फ्री में जमीन चाहिए।यह हाल सिर्फ तेतुलमुडी में ही नहीं पूरे कोयलांचल अर्थात एरिया 1 से 12 में है। उपरोक्त विषय में अभी तक उपायुक्त एवं बीसीसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक द्वारा कोई सूचना प्राप्त नहीं हुआ है एवं माननीय सांसदों ने भी भूमि अधिग्रहण होने के उपरांत ही खनन करने की बात कही है तो बीसीसीएल एवं आउटसोर्सिंग कंपनी सभी नियमों एवं कानून को ताक पर रखकर रैयतों के खेती लायक भूमि को बर्बाद करने में तुली हुई हैं । वे लोग जबरन कोयला उत्खनन करना चाहते हैं इस प्रेस वार्ता के माध्यम से रैयत बीसीसीएल प्रबंधन एवं आउटसोर्सिंग कंपनी को चेतावनी भारी लहजों में कहना चाहती है कि अगर वे लोग जबरन कंपनी चालू करेंगे तो रैयत इसका पुरजोर विरोध करेंगे। साथ ही साथ खेती लायक भूमि को नष्ट करने के एवेज में कृषि क्षतिपूर्ति मुआवजा की भुगतान का मांग का आवेदन भी दियें हैं, भुगतान ना होने पर बीसीसीएल,आउटसोॅसिंग कंपनी एवं अन्य अधिकारियों, कर्मचारियों के खिलाफ माननीय उच्च न्यायालय में मुकदमा दर्ज करेंगे।ग्रामीणें में विष्णु महतो,कालीपद महतो,बाबुलाल महतो,रवि महतो,विकास महतो,दिपक महतो,अरूण महतो,चंदु महतो,अनिल महतो,रंजीत महतो कविता देवी,लता देवी,पुष्पा देवी,योगिता कुमारी ,रेखा देवी इत्यादि मौजूद थी।




