
शैक्षणिक समृद्धि की प्रतिक होता है पुस्तकालय – बंटी पाण्डेय

आरा। एक संपूर्ण और समृद्ध गांव की पहचान है गांव में पुस्तकालय का होना। पुस्तकालय पढने की आदत विकसित करने के साथ-साथ दैनिक जीवन में सामाजिक कौशल और शैक्षणिक प्रदर्शन में सुधार लाता है। इन्हीं सोच के साथ बभनगवां ग्राम के करीब एक वर्ष पहले 1 सितंबर 2023 को गुरुकुल नामक एक लाइब्रेरी की स्थापना बंटी पाण्डेय के द्वारा किया गया। एक भेंट में लाइब्रेरी संचालक बंटी पाण्डेय बताते हैं कि मैं अध्य्यन का एक ऐसा केन्द्र अपने गांव के नजदीक बनाना चाहता था जहां पठन पाठन का माहौल बने और शिक्षार्थियों में पढ़ाई को लेकर उत्सुकता जगने के साथ – साथ शिक्षा के प्रति समर्पण का भाव आए।शुरुआती दौर असमंजस भरा रहा। मन में नकारात्मक भाव आते थे क्या ग्रामीण क्षेत्र में मेरा सपना साकार होगा ? क्या ग्रामीण क्षेत्र के ये आर्थिक रुप से विपन्न परिवार से आने वाले शिक्षार्थी पुस्तकालय के खर्च को वहन कर पायेगें ? आदि आदि। समय का पहिया चल पड़ा, शिक्षार्थियों का प्यार मिला, पुस्तकालय के प्रति रुझान बढा और गुरुकुल लाइब्रेरी अपने मुकाम की ओर बढ चला और क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित हुआ। नतीजतन आज बजार में विभिन्न नाम से कई पुस्तकालय संचालित हो रहे हैं, सभी में छात्रों की संख्या भी पर्याप्त है। जिसे देखकर मन ही मन, मन प्रफुल्लित होता है। ऐसा महसूस होता है जैसा मैनें सोचा था, मेरा फैसला सार्थक रहा, मेरा सपना साकार हुआ। एक प्रश्न का उत्तर देते हुये श्री पांडेय कहते हैं कि यहां के निश्छल छात्रों ने कभी किसी लाइब्रेरी के संचालन में कोई बाधा उत्पन्न नहीं किया। इसी बीच गुरुकुल लाइब्रेरी में दिन रात मेहनत करके विभिन्न प्रतियोगिताओं में सफलता को प्राप्त करने वाले कई शिक्षार्थियों पर जब नजर पडती है या वो अपनी छुट्टियों में आकर मिलते हैं तो छाती चौडी हो जाती है। श्री पाण्डेय आगे बताते हैं कि किसी भी काम को सच्चे दिल और ईमानदारी से करने पर सफलता जरूर मिलती हैं, बस शुरुआत करने भर की देर होती हैं। सभी छात्रों का सहयोग ऐसे ही बना रहे और सब अपने जीवन में अच्छा करें यही कामना
है।










