
आईटीओ के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय के द्वारा एक सॉफ्टवेयर का निर्माण किया गया है। इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से वाहन चालक अब अपने वाहन का मनपसंद नंबर बुक कर सकते है। परिवहन कार्यालय के इस सॉफ्टवेयर को प्रदेश के सभी आरटीओ कार्यालयों को जोड़ा गया है। आरटीओ की इस नई सुविधा से अब दलालों का काम बंद हो जायेगा। वाहन चालकों को अब आरटीओ कार्यालय के चक्कर भी नही काटना पड़ेगा। इससे समय की भी बचत हो सकती है। आरटीओ वाहन के वीआईपी नंबरों के लिए अलग से शुल्क लेता है। इस काम के लिए दलाल भी सक्रिय रहते है। आरटीओ के इस प्रयास से वाहन चालक दलालों के चंगुल से भी बच सकते है।











