
*रांची :* झारखंड विधानसभा चुनाव में करारी हार की शनिवार को भाजपा ने समीक्षा की। हरमू स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्य रूप से भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष उपस्थित थे। समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि चुनाव में अति आत्मविश्वास हार का एक प्रमुख कारण रहा। इसके साथ ही कई प्रत्याशियों ने हार के लिए सामाजिक समीकरण के बिखरने और भीतरघात को जिम्मेवार ठहराया। पार्टी के कुछ बड़े नेता से लेकर सांसद तक दूसरे दलों से चुनाव लड़े रहे अपने रिश्तेदारों को मदद की।
लोकसभा चुनाव में जिस तरह से भाजपा प्रत्याशियों को जिताने में विधायकों ने काम किया उस तरह से सभी सांसदों गंभीर नहीं रहे। जिन सांसदों ने अच्छा किया उनके क्षेत्र में भाजपा का प्रदर्शन बेहतर रहा।
*संगठन के साथ जनता का काम करने की दी गई सलाह*
बैठक में बीएल संतोष ने कहा कि हमारी पार्टी चुनाव में सफल भले नहीं हो पाई लेकिन जनता ने हमें मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाने का मौका दिया है। चुनाव हारने वाले प्रत्याशियों को भी उन्होंने क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहने और संगठन के साथ जनता का काम करने की सलाह दी।
प्रदेश भाजपा के संगठन प्रभारी लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व के पास नेताओं के भीतरघात और लापरवाही से संबंधित रिपोर्ट मिली है। लेकिन अभी वक्त है एकजुट रहकर सरकार के कामकाज पर नजर रखने का। भाजपा कार्यकर्ताओं को अपना मनोबल बनाए रखना है।
उन्होंने कहा कि हमारे पास प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जैसा मजबूत नेतृत्व है। बैठक में चुनाव परिणाम के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं पर हुए हमले और उत्पात की भी चर्चा हुई।
जल्द ही बड़ा कार्यक्रम करेगी भाजपा, केंद्रीय नेताओं की होगी उपस्थिति
नए साल में भाजपा एक बड़े कार्यक्रम की तैयारी कर रही है।
इसमें राज्य में हो रहे बांग्लादेशी घुसपैठ से आदिवासी समाज के सामने उत्पन्न संकट के साथ भ्रष्टाचार के मुद्दे को उठाया जाएगा।
इस कार्यक्रम में केंद्रीय नेताओं की उपस्थिति भी रहेगी।
भाजपा विधायकों से सदन में भी इस मामले को प्रमुखता से उठाने को कहा गया है।
*मरांडी का सुझाव*
उधर, बंगाल से आलू की खेप रोकने पर राजनीति शुरू हो गई है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार को बातचीत का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि आलू का ट्रक झारखंड आने से रोकने के निर्णय ने रोजमर्रा की जिंदगी में महंगाई की चिंता बढ़ा दी है।
बंगाल से आलू लेकर झारखंड आ रहे सैकड़ों ट्रकों को वापस लौटाया जा रहा है। सब्जी मंडियों में भी महज कुछ दिनों का ही स्टॉक बचा हुआ है। आलू की कीमतें आसमान छूती जा रही हैं और आमजनों के रसोई से आलू गायब होती जा रही है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से निवेदन है कि तत्काल पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से वार्ता कर इस समस्या का निदान करें और झारखंड में आलू की पर्याप्त अपूर्ति सुनिश्चित करें।



