
जावरा —रोजगार बिखरने से घबराए भुतेड़ा से जोयो तिराहे के दुकानदारों ने एमपीआरडीसी का नए तरीके से विरोध करना शुरू कर दिया है। धरना आंदोलन के साथ ही रविवार को प्रभावितों ने जोयो होटल के सामने से लेकर हुसैन टेकरी चौराहे तक हर दुकान के आगे बैनर टांग कर अपनी नाराजगी जताई ओर प्रदेश के मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाते हुए क्षेत्र का व्यापार व्यवसाय तहस नहस होने से बचाने की मांग की। बताया जाता है कि जनसंघर्ष समिति द्वारा लगभग 200 पोस्टर, बैनर बनवाए गए हैं। इन पर ” मुख्यमंत्री जी न्याय करो ” यह विकास नहीं विनाश है और एमपीआरडीसी मुर्दाबाद के नारे लिखे गए।
समिति के असलम मेव, सुनील पोखरना, उबेद अंसारी, मनोज मेहता, जगदीश सोलंकी, काना सोलंकी, सुरेश धनोतिया, नपा चेयरमैन इरफान कुरेशी, मो रईस, मो हुसैन, शामू महाराज, राजेश धाकड़, अब्बास बोहरा, राधेश्याम पाटीदार, जफर कुरेशी, मुकेश धाकड़ आदि ने जगह जगह जाकर हर दुकान पर नारेबाजी करते हुए बैनर लगाए। उल्लेखनीय है कि उज्जैन से जावरा प्रस्तावित फोरलेन पर भुतेड़ा से जोयो तिराहे तक ब्रिज बनने से इस हिस्से के दुकानदार, व्यापारी, किसान व मजदूर काम धंधे से हाथ धो बैठेंगे। इसलिए ये लोग रिंगरोड निकालने की अपील करते हुए धरना, ज्ञापन, आंदोलन कर रहे हैं।
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जावरा —रोजगार बिखरने से घबराए भुतेड़ा से जोयो तिराहे के दुकानदारों ने एमपीआरडीसी का नए तरीके से विरोध करना शुरू कर दिया है। धरना आंदोलन के साथ ही रविवार को प्रभावितों ने जोयो होटल के सामने से लेकर हुसैन टेकरी चौराहे तक हर दुकान के आगे बैनर टांग कर अपनी नाराजगी जताई ओर प्रदेश के मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाते हुए क्षेत्र का व्यापार व्यवसाय तहस नहस होने से बचाने की मांग की। बताया जाता है कि जनसंघर्ष समिति द्वारा लगभग 200 पोस्टर, बैनर बनवाए गए हैं। इन पर ” मुख्यमंत्री जी न्याय करो ” यह विकास नहीं विनाश है और एमपीआरडीसी मुर्दाबाद के नारे लिखे गए।
समिति के असलम मेव, सुनील पोखरना, उबेद अंसारी, मनोज मेहता, जगदीश सोलंकी, काना सोलंकी, सुरेश धनोतिया, नपा चेयरमैन इरफान कुरेशी, मो रईस, मो हुसैन, शामू महाराज, राजेश धाकड़, अब्बास बोहरा, राधेश्याम पाटीदार, जफर कुरेशी, मुकेश धाकड़ आदि ने जगह जगह जाकर हर दुकान पर नारेबाजी करते हुए बैनर लगाए। उल्लेखनीय है कि उज्जैन से जावरा प्रस्तावित फोरलेन पर भुतेड़ा से जोयो तिराहे तक ब्रिज बनने से इस हिस्से के दुकानदार, व्यापारी, किसान व मजदूर काम धंधे से हाथ धो बैठेंगे। इसलिए ये लोग रिंगरोड निकालने की अपील करते हुए धरना, ज्ञापन, आंदोलन कर रहे हैं।


