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शिक्षकों, विद्यार्थियों में अनुशासन, नियमितता, समयबद्धता, अनिवार्यता आवश्यक हो

सागर। वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज संवाददाता सुशील द्विवेदी।विद्यालयों में शिक्षकों, विद्यार्थियों में अनुशासन, नियमितता, समयबद्धता एवं अनिवार्यता आवश्यक होती है, सभी विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की काउंसलिंग के लिए कक्ष तैयार करें एवं शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम वाले विद्यालयों को पुरस्कृत किया जाएगा। साथ ही मोबाइल से इंटरनेट का उपयोग केवल शैक्षणिक अध्ययन के लिए करें। उक्त निर्देश कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने सागर जिले के शासकीय विद्यालयों के प्राचार्य की समीक्षा बैठक में दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक केवी, संयुक्त संचालक लोक शिक्षण सागर संभाग मनीष वर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद जैन, एडीपीसी अभय श्रीवास्तव, उमाशंकर चाचौंडिया सहित अन्य अधिकारी एवं जिले के समस्त प्राचार्य, विकासखंड शिक्षा अधिकारी मौजूद थे। जिले के प्राचार्य समीक्षा बैठक में कलेक्टर संदीप जी आर ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि सभी प्राचार्य अपने-अपने विद्यालयों में अनुशासन, समयबद्धता एवं अनियमितता बनाए रखें, यदि इसका उल्लंघन होता है तो प्राचार्य सहित संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी विद्यालयों में छात्राओं के लिए काउंसलिंग कक्ष तैयार किया जाए जिसमें समय-समय में छात्राओं की महिला शिक्षक के माध्यम से काउंसलिंग की जाए। उन्होंने कहा कि विद्यालय में एक महिला शिक्षक को काउंसलर भी बनाएं, जिससे वह समय-समय पर छात्राओं की समस्याओं का निदान कर सकें और आवश्यकता पड़ने पर उनके अभिभावकों को सूचित कर सकें। उन्होंने कहा कि छात्राएं अपने साथ होने वाली किसी भी घटना को परिवारजन के साथ शेयर नहीं करती और वह कोई भी कदम उठाने को तैयार हो जाती हैं इसकी काउंसलिंग की जाए और छात्राओं को पूरा सहयोग एवं संरक्षण प्रदान किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि सभी शिक्षक विद्यालय में मोबाइल के इंटरनेट का उपयोग केवल शैक्षणिक अध्ययन के समय ही करें और विद्यार्थियों का भी परीक्षण करें कि कोई भी विद्यार्थी इंटरनेट का उपयोग गलत तरीके के लिए तो नहीं कर रहा है और यदि ऐसा है तो उसकी भी काउंसलिंग की जावे। कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने कहा कि आने वाले माह में कक्षा 10 वीं एवं 12 वीं की बोर्ड परीक्षाएं संपन्न होनी है। 100 प्रतिशत परीक्षा परिणाम लाने वाले विद्यालयों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। सभी शिक्षक पूरे मनोयोग से कार्य करें और शैक्षणिक कार्य कराएं। उन्होंने कहा कि स्कूल भवन निर्माण का कार्य अपने घर की तरह कराएं और उसकी गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखें। छात्राओं को भवन निर्माण के समय निरीक्षण कराएं और उनकी आवश्यकता अनुसार उसमें परिवर्तन भी कराएं। उन्होंने कहा कि सभी विद्यालय एवं उनके शौचालय पूर्ण रूप से साफ एवं स्वच्छ रहे इसका विशेष ध्यान रखा जाए। कलेक्टर ने कहा कि सभी विद्यालय में यह विशेष रूप से चिन्हित किया जाए कि किसी भी विद्यालय में पान, तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट का उपयोग न हो और इसकी सामग्री भी परिसर में न दिखाई दे। उन्होंने कहा कि विद्यालय के मुख्य द्वार पर विद्यालय के विद्यार्थी जो की उच्च पद पर पहुंच गए हैं उनकी फोटो, पद एवं नाम अंकित करें। उन्होंने कहा कि सभी प्राचार्य यह संकल्प लें कि अपने-अपने विद्यालय से प्रत्येक वर्ष डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक अवश्य बनाने का प्रयास करेंगे और कोई भी प्रयास और संकल्प अधूरा नहीं रहे यह अवश्य प्रयास करें। उन्होंने कहा कि गरीबी हटाने के लिए शिक्षा का महत्वपूर्ण योगदान है इसलिए आप सभी प्राचार्य जो सागर जिले के दूरस्थ ग्राम में पदस्थ है वहां का माहौल देखकर अपनी कार्यशैली रखें और सभी से समन्वय के साथ व्यवहार रखें। उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यालय में ड्रॉप आउट नहीं रहना चाहिए और शासन की योजनाएं निःशुल्क साइकिल, गणवेश, पाठ पुस्तक का 100 प्रतिशत वितरण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार छात्रवृत्ति का कार्य भी समय सीमा में करें। संयुक्त संचालक लोक शिक्षण सागर संभाग डॉ मनीष वर्मा ने बोर्ड परीक्षा सुधार के संबंध में भी जानकारी दी। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद जैन ने कार्यशाला के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।
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