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लघु उद्यमी योजना का पहला किस्त प्राप्त कर चुके लाभार्थी जल्द करे उपयोगिता अपलोड : महाप्रबंधक

लघु उद्यमी योजना का पहला किस्त प्राप्त कर चुके लाभार्थी जल्द करे उपयोगिता अपलोड : महाप्रबंधक

आरा। राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सशक्त बनाने को लेकर बिहार सरकार ने बिहार लघु उद्यमी योजना की शुरुआत पिछले वर्ष की। इस योजना के तहत वैसे बिहार के निवासी जो आर्थिक रूप से कमजोर है उन्हें सरकार के स्तर पर दो लाख की सहायता राशि उद्योग लगाने के लिए दिया जाएगा। इसके तहत आटा निर्माण इकाई, सत्तू – बेसन इकाई, मसाला निर्माण, तेल, नमकीन निर्माण, जैम, जेली, नूडल्स, पापड़ निर्माण, मिठाई बनाने समेत 64 प्रकार की परियोजनाओं को शामिल किया गया है। 2024 में इस योजना का लाभ लेने को लेकर मुख्यालय स्तर पर आवेदन आमंत्रित किया गया था। जिसमें बिहार लघु उद्यमी योजना के तहत भोजपुर के 934 लोगों का चयन हुआ है। इन लोगों को विभाग के स्तर पर जिला उद्योग केंद्र भोजपुर द्वारा तीन दिवसीय प्रशिक्षण बीते अगस्त और सितंबर में दिया गया था। प्रशिक्षणोंपरांत उन्हें सर्टिफिकेट भी दिया गया। इसके पूर्व उन्हें सरकार के स्तर पर प्रथम किस्त की राशि उनके खाते में भेजी जा चुकी है। अब उन्हें उस प्रथम किस्त की राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र पोर्टल पर जमा करना है। इस बाबत महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र मधु कुमारी ने प्रथम किस्त प्राप्त किए हुए लाभार्थियों से अपील किया है कि शीघ्र ही पहली किस्त के उपयोगिता प्रमाण पत्र को पोर्टल पर जमा कर दे। महाप्रबंधक ने बताया कि भोजपुर जिले के 934 लोगों का चयन बिहार लघु उद्यमी योजना के तहत किया गया था। जिसमें 644 लोगों ने उपयोगिता प्रमाण पत्र पोर्टल पर अपलोड कर दिया है।

लगभग 290 लोगों ने अपनी उपयोगिता प्रमाण पत्र पोर्टल पर अपलोड नहीं किया है। उन्होंने आगे बताया कि 15 जनवरी तक पोर्टल खुला है, यदि इस अवधि में पोर्टल पर उपयोगिता प्रमाण पत्र अपलोड नहीं किया गया तो लाभार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। बतादें कि बिहार सरकार ने जाती गणना करवाई थी, जिसमें पूरे बिहार से 94 लाख लोग आर्थिक रूप से कमजोर पाए गए थे।जिसके बाद राज्य सरकार ने एक नई पहल की और बिहार लघु उद्यमी योजना शुरू किया। इसी योजना के तहत पहली किस्त पचास हजार रुपए लाभार्थियों को दी गई है। वही उपयोगिता प्रमाण पत्र अपलोड करने के बाद दूसरी किस्त एक लाख रुपए और उसके उपयोगिता प्रमाण पत्र अपलोड करने के बाद तीसरी किस्त पचास हजार रुपए मिलेगा। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए चलाई जा रही है। सरकार का प्रयास है कि इस योजना से जुड़कर लोग उद्योग कर आत्मनिर्भर बन सके। वही महाप्रबंधक मधु कुमारी ने अपील किया है कि उद्योग विभाग द्वारा कई योजनाएं संचालित हो रही हैं, इन योजनाओं से जुड़कर लोग लाभान्वित भी हो रहे है। वर्तमान में मुख्यमंत्री उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री लघु उद्यमी योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना, पीएमएफएमई और पीएमईजीपी योजना संचालित है। इन योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए जिला उद्योग केंद्र निरंतर प्रयासरत है। जिलेवासी इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए जिला उद्योग केंद्र से संपर्क कर सकते है।

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