

कैमूर में मशरूम इन्फ्रास्ट्रक्चर स्थापना पर सेमिनार का किया गया आयोजन,
जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा किया गया उद्घाटन, उत्पादन व विपणन बढ़ाने पर दिया गया जोर
कैमूर जिले में मशरूम उत्पादन को स्वरोजगार का सशक्त माध्यम बनाने के उद्देश्य से “मशरूम इन्फ्रास्ट्रक्चर की स्थापना” विषय पर एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी महोदय कैमूर द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।
उद्घाटन संबोधन में जिला पदाधिकारी महोदय ने कहा कि कैमूर में मशरूम उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। कम भूमि, कम लागत एवं कम पानी में अधिक आय देने वाली यह तकनीक छोटे एवं सीमांत किसानों, महिलाओं एवं युवाओं के लिए अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने आधुनिक तकनीक, गुणवत्तायुक्त स्पॉन, प्रसंस्करण तथा सुदृढ़ विपणन व्यवस्था के माध्यम से जिले में मशरूम उत्पादन को व्यापक स्तर पर बढ़ाने का आह्वान किया तथा संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
सेमिनार में “मशरूम मैन ऑफ बिहार” के नाम से विख्यात डॉ. दयाराम (मशरूम कंसल्टेंट) एवं डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के विशेषज्ञों ने सहभागिता की। विशेषज्ञों ने मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीक, स्पॉन प्रबंधन, आधुनिक उत्पादन प्रणाली, बाजार से जुड़ाव, मूल्य संवर्धन एवं विपणन रणनीतियों पर किसानों को विस्तृत जानकारी दी।
जिला उद्यान पदाधिकारी द्वारा विभागीय योजनाओं की जानकारी साझा करते हुए बताया गया कि मशरूम किट वितरण, शेड/उत्पादन इकाई स्थापना, स्पॉन यूनिट तथा कम्पोस्ट यूनिट जैसी योजनाओं में अनुदान उपलब्ध है। किसानों से प्रशिक्षण प्राप्त कर योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की गई।
कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्रगतिशील किसानों ने अपने अनुभव साझा कर अन्य किसानों को प्रेरित किया। अंत में इच्छुक किसानों को जिला कृषि एवं उद्यान कार्यालय से संपर्क कर प्रशिक्षण, मार्गदर्शन एवं अनुदान संबंधी प्रक्रिया पूर्ण करने की जानकारी दी गई।
कैमूर में मशरूम की खेती न केवल आयवृद्धि का साधन बन रही है, बल्कि गग्रामी अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
( कैमुर से अफसार आलम की रीपोर्ट)








