

नुआंव प्रखंड के नुवान ग्राम स्थित सौन्दिक ईंट उद्योग से एक बाल श्रमिक विमुक्त
कैमूर जिले के नुआंव प्रखंड अंतर्गत नुवान ग्राम स्थित सौन्दिक ईंट उद्योग में औचक निरीक्षण के दौरान एक बाल श्रमिक को कार्यरत पाया गया। श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, नुआंव, रामगढ़ एवं चांद की संयुक्त कार्रवाई में उक्त बालक को तत्काल प्रभाव से विमुक्त कराया गया।
निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित बालक की आयु 14 वर्ष से कम है तथा उसे ईंट भट्ठा उद्योग में कार्य कराया जा रहा था, जो विधि द्वारा पूर्णतः प्रतिबंधित है।
इस संबंध में नियोक्ता के विरुद्ध बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 (संशोधित 2016) की धारा 3 एवं धारा 14(1) के तहत कार्रवाई प्रारंभ की गई है। उक्त अधिनियम के अनुसार 14 वर्ष से कम आयु के बालक को नियोजित करना दंडनीय अपराध है।
अधिनियम की धारा 14(1) के अंतर्गत दोषी पाए जाने पर नियोक्ता को 6 माह से 2 वर्ष तक का कारावास अथवा ₹20,000 से ₹50,000 तक का जुर्माना, या दोनों से दंडित किया जा सकता है।
साथ ही, प्रकरण में किशोर न्याय (बच्चों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 के प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। विमुक्त बालक को आवश्यक संरक्षण एवं पुनर्वास हेतु संबंधित बाल संरक्षण इकाई को सुपुर्द कर दिया गया है।
जिला प्रशासन एवं श्रम विभाग ने सभी नियोजकों से अपील की है कि वे बाल श्रम जैसे दंडनीय कृत्य से परहेज करें। बाल श्रम उन्मूलन हेतु जिला प्रशासन द्वारा नियमित निरीक्षण जारी रहेगी।
( कैमुर से अफसार आलम की रीपोर्ट)








