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गुजरात बॉर्डर से सांचौर में घुसा लेपर्ड

गांवों में 3 दिन से दहशत का माहौल, ड्रोन की मदद से रेस्क्यू में जुटी वन विभाग की टीम सांचौर

जेठमल मुथा जिल्ला प्रमुख वंदेभारत लाईव्ह टीव्ही न्युज पुणे

गुजरात बॉर्डर से सांचौर में घुसा लेपर्ड:गांवों में 3 दिन से दहशत का माहौल, ड्रोन की मदद से रेस्क्यू में जुटी वन विभाग की टीम
सांचौर

गुजरात की सीमा से जालोर जिले के सांचौर इलाके में घुसे लेपर्ड से ग्रामीण दहशत में हैं। लेपर्ड रविवार को सबसे पहले पलादर गांव में घुसा जो कि गुजरात बॉर्डर से 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां से बड़सम, हाड़ेतर होते हुए किलुपिया गांव में सोमवार दोपहर 4 बजे खेतों में भागता हुआ दिखा। किलुपिया बॉर्डर से 10 किलोमीटर दूरी पर है। इसके बाद ग्रामीणों ने जोधपुर वन विभाग की टीम को सूचना दी।

वन विभाग की टीमें लेपर्ड को पकड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं, लेकिन अब तक सफलता हाथ नहीं लगी है। वन विभाग का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। सोमवार को सूचना मिलने पर टीम मौके पर पहुंची और किलुपिया गांव के सरसों के खेतों में दिनभर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन पैंथर को पकड़ने में वन विभाग को सफलता नहीं मिल पाई। ऐसे में अब मंगलवार सुबह 6 बजे से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया है।

गुजरात बॉर्डर से लेपर्ड सांचौर के किलुपिया गांव में सोमवार दोपहर 4 बजे पहुंचा
गुजरात बॉर्डर से लेपर्ड सांचौर के किलुपिया गांव में सोमवार दोपहर 4 बजे पहुंचा
ड्रोन और गाड़ियों का किया उपयोग, लेकिन नहीं मिली सफलता
वन अधिकारी मनोहर खां ने बताया कि जोधपुर से आई वन विभाग की टीम ने लेपर्ड को ट्रैंकुलाइज करने के लिए ड्रोन और गाड़ियों का सहारा लिया। लेपर्ड के बार-बार जगह बदलने पर उसे पकड़ने में मुश्किलें आ रही हैं। वहीं ग्रामीणों से सतर्क रहने और लेपर्ड के पास जाने से बचने की अपील की गई है। उन्होंने कहा कि लेपर्ड को पकड़ने के लिए टीमें पूरी तरह से मुस्तैद हैं और मंगलवार सुबह से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है।

जोधपुर से आई वन विभाग की टीम ने लेपर्ड को ट्रैंकुलाइज करने के लिए ड्रोन और गाड़ियों का सहारा लिया।
जोधपुर से आई वन विभाग की टीम ने लेपर्ड को ट्रैंकुलाइज करने के लिए ड्रोन और गाड़ियों का सहारा लिया।
ग्रामीणों में दहशत का माहौल
लेपर्ड की मौजूदगी से गांवों में डर का माहौल है। स्थानीय लोग अपने बच्चों और पशुओं को घरों से बाहर नहीं जाने दे रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द से जल्द लेपर्ड को पकड़ने की मांग की है।

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहेगा
वन विभाग के अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि लेपर्ड को सुरक्षित तरीके से पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। लेपर्ड के मूवमेंट पर नजर रखने के लिए ड्रोन और विशेषज्ञ टीमों की सहायता ली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि उनकी प्राथमिकता लेपर्ड को बिना किसी नुकसान के जंगल में वापस भेजने की है।

पाली में गोवंश को बनाया शिकार

इधर, पाली जिले के सादड़ी स्थित श्री मंगलेश्वर महादेव गौशाला में सोमवार रात को घुसे लेपर्ड ने गोवंश को अपना शिकार बनाया। गोशाला में लेपर्ड का यह दूसरा हमला है। घटना से आसपास के क्षेत्र में डर का माहौल है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से अपील की है कि लेपर्ड का रेस्क्यू कर जंगल के क्षेत्र में छोड़ा जाए।

गोशाला में लेपर्ड के पगमार्क मिले।
गोशाला में लेपर्ड के पगमार्क मिले।
सामाजिकी वानिकी अरण्य रेंजर देसूरी कानसिंह राइका के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में लेपर्ड की गतिविधियां देखी जा रही थी। रात के समय लेपर्ड ने गोशाला में घुसकर एक बछड़े को अपना शिकार बना लिया। घटना की सूचना मिलते ही वनकर्मी बिशनसिंह सिन्दरली ने मौके का निरीक्षण किया, जहां लेपर्ड के पगमार्क भी मिले।

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