
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण घोषणा की है, जिसके तहत राज्य के सभी सीएम राइज स्कूल अब ‘महर्षि सांदीपनि सीएम राइज स्कूल’ के नाम से जाने जाएंगे। इस निर्णय का उद्देश्य शिक्षा क्षेत्र में महर्षि सांदीपनि की अमूल्य विरासत को सम्मान देना और नई पीढ़ी को भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ना है।
महर्षि सांदीपनि: शिक्षा के प्रतीक
महर्षि सांदीपनि भारतीय पौराणिक ग्रंथों में एक महान आचार्य के रूप में प्रतिष्ठित हैं। वे भगवान कृष्ण, बलराम और सुदामा के गुरु थे। उनकी शिक्षा पद्धति और अनुशासन ने भारतीय शिक्षा प्रणाली को गहराई से प्रभावित किया है। मध्यप्रदेश के उज्जैन में स्थित उनकी गुरुकुल परंपरा भारतीय शिक्षा की आधारशिला मानी जाती है।
सीएम राइज स्कूल योजना का उद्देश्य
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा संचालित सीएम राइज स्कूल योजना का मुख्य उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता सुधार लाना, डिजिटल और आधुनिक शिक्षण विधियों को बढ़ावा देना, और छात्रों को वैश्विक स्तर की शिक्षा प्रदान करना है। यह योजना राज्य के सरकारी स्कूलों को उच्चस्तरीय सुविधाओं से लैस करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।
नई घोषणा के प्रभाव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा की गई इस घोषणा के कई सकारात्मक प्रभाव होंगे:
- भारतीय शिक्षा परंपरा का प्रचार: महर्षि सांदीपनि का नाम इन स्कूलों से जोड़ने से छात्रों को भारतीय शिक्षा और सांस्कृतिक विरासत के बारे में जागरूक किया जाएगा।
शिक्षा में नई ऊर्जा: इस बदलाव से शिक्षा के क्षेत्र में एक नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार होगा।
आधुनिकता और परंपरा का संगम: सीएम राइज स्कूल पहले से ही आधुनिक सुविधाओं से युक्त हैं, अब इनके नाम से पारंपरिक शिक्षा प्रणाली का जुड़ाव उन्हें और भी विशिष्ट बनाएगा।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान: इस पहल से मध्यप्रदेश के स्कूलों को एक नई पहचान मिलेगी और वे शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम कर सकेंगे।
राज्य सरकार की पहल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिक्षा सुधारों को लेकर कई योजनाएं बनाई हैं। ‘महर्षि सांदीपनि सीएम राइज स्कूल’ नामकरण का निर्णय उन्हीं सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल न केवल छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने में सहायक होगी, बल्कि शिक्षकों और अभिभावकों के लिए भी गर्व का विषय होगी।








