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नई दिल्ली। सहकारी क्षेत्र में बड़ा मामला सामने आया है। केंद्रीय सहकारी समिति रजिस्ट्रार ने Lustiness Janhit Credit Cooperative Society Ltd. को बंद (वाइंड अप) करने का आदेश जारी कर दिया है। इस समिति पर लोगों की जमा पूंजी वापस न करने के गंभीर आरोप लगे थे। मामले में लगातार मिल रही शिकायतों और समिति द्वारा नियमों की अनदेखी के चलते यह सख्त कदम उठाया गया है।
समिति का पता फर्जी, कोई जवाब नहीं मिला
नई दिल्ली के छतरपुर एन्क्लेव स्थित पते पर समिति की जांच के लिए अधिकारियों की टीम भेजी गई, लेकिन वहाँ यह कार्यरत नहीं पाई गई। इतना ही नहीं, समिति ने वर्षों से अपनी अनिवार्य वार्षिक रिपोर्ट भी जमा नहीं की। इसके बाद 10 मार्च 2025 को समिति को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया, लेकिन 15 दिन के भीतर कोई उत्तर नहीं दिया गया।
लोगों की शिकायतें बनी कार्रवाई का आधार
कई निवेशकों ने शिकायत की थी कि समिति ने उनकी जमा रकम वापस नहीं की। ऐसे में केंद्रीय रजिस्ट्रार ने समिति के खिलाफ MSCS Act 2002 की धारा 86 के अंतर्गत परिसमापन (लिक्विडेशन) की कार्रवाई शुरू की है।
उपायुक्त को बनाया गया लिक्विडेटर
दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम जिले के जिलाधिकारी/उपायुक्त को समिति का लिक्विडेटर नियुक्त किया गया है। उन्हें समिति की संपत्ति का मूल्यांकन कर निवेशकों की रकम लौटाने की जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही हर तिमाही प्रगति रिपोर्ट देने का भी निर्देश दिया गया है।
रजिस्ट्रार ने जारी किया आदेश
यह आदेश 29 अप्रैल 2025 को केंद्रीय रजिस्ट्रार रबिन्द्र कुमार अग्रवाल द्वारा जारी किया गया। अब यह मामला दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के रजिस्ट्रारों को भी भेजा गया है ताकि स्थानीय समाचार पत्रों में इस आदेश को प्रकाशित किया जाए और निवेशकों को इसकी जानकारी मिल सके।
निवेशकों से अपील: यदि आपने भी Lustiness Janhit Credit Cooperative Society में निवेश किया है तो जिला उपायुक्त कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं और अपनी मांग पंजीकृत कर सकते हैं।
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