अमेथीअलीगढ़आगराआजमगढ़उत्तर प्रदेशकानपुरकुशीनगरकौशाम्बी

फर्जी प्रमाण पत्र गिरोह का पर्दाफाश: 5 गिरफ्तार, CSC सेंटर की आड़ में चल रहा था संगठित अपराध

कुशीनगर। जिले की पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड बनाने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए रविन्द्रनगर धूस थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने पांच शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज, सरकारी मुहरें, लैपटॉप और 5100 रुपए नकद बरामद किए गए।

पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्रा के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक निवेश कटियार व क्षेत्राधिकारी सदर अजय कुमार सिंह के नेतृत्व में यह कार्रवाई दिनांक 04 अगस्त 2025 को अंजाम दी गई।

CSC सेंटर की आड़ में चल रहा था फर्जीवाड़ा

पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि उनका एक संगठित गिरोह है, जिसका सरगना मोहन कुमार गौड़ है। यह गिरोह CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) की आड़ में काम करता है और तकनीकी दक्षता का दुरुपयोग कर रहा था।

गिरोह के सक्रिय सदस्य दिलीप कुमार चौधरी, रजवन्त गुप्ता, असफाक अंसारी और सोनू कुमार यादव मिलकर जन्म प्रमाण पत्रों के क्यूआर कोड स्कैन करते थे, फिर मूल दस्तावेजों को हैक कर उसमें डेटा में हेरफेर किया जाता था। इसके बाद फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड तैयार किए जाते थे।

“Digital Buddy” व्हाट्सएप ग्रुप से करते थे ठगी

गिरोह “DIGITAL BUDDY” नामक व्हाट्सएप ग्रुप (मो. नं. 8910563724) के जरिए भोले-भाले लोगों से संपर्क करता था और त्वरित दस्तावेज दिलाने का झांसा देकर PhonePe जैसे माध्यमों से मोटी रकम वसूलता था। फिर कूट रचित दस्तावेज थमा देता था।

गिरोह की जड़ें गहरी, अन्य सदस्यों की तलाश जारी

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस गिरोह की जड़ें काफी गहरी हैं और अन्य सदस्यों की तलाश के लिए टीमें गठित कर छापेमारी की जा रही है। गिरोह के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्यवाही की जा रही है।

यह गिरोह न सिर्फ सरकारी प्रणाली की साख को चोट पहुँचा रहा था, बल्कि समाज में अवैध लाभ के रास्ते खोल रहा था।

“वंदे भारत न्यूज” से मान्धाता कुशवाहा

[yop_poll id="10"]
Show More
Back to top button
error: Content is protected !!