
वन्दे भारत लाइव टीवी न्यूज़/समृद्ध भारत डिस्ट्रिक्ट रिपोर्टर चित्रसेन घृतलहरे(पेंड्रावन), सारंगढ़ 14 अगस्त 2025//जब नगर आजादी के जश्न में डूबा था, तब शहीदों की याद में बने ‘जय स्तंभ’ की हालत देखकर लोगों के चेहरों पर नाराज़गी साफ झलक रही थी। न यहां सफाई हुई, न सजावट, और न ही रोशनी की व्यवस्था — जिससे प्रशासन और नगर पालिका की लापरवाही उजागर हो गई।
स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों की याद में बने जय स्तंभ का महत्व नगर के लिए सिर्फ एक स्मारक नहीं, बल्कि आजादी की पहचान है। अंग्रेजों की गुलामी से मुक्ति के बाद देशभर में इन स्तंभों का निर्माण बलिदान और संघर्ष की स्मृति को अमर रखने के लिए हुआ था। सारंगढ़ का यह जय स्तंभ भी मोहल्ले के लोगों के लिए गर्व का विषय रहा है, जहां हर वर्ष स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण होता है।
लेकिन इस वर्ष 79वें स्वतंत्रता दिवस पर इसकी हालत बेहद निराशाजनक रही। कार्यक्रम से पहले न सफाई कराई गई, न झालर-लाइट लगाई गई। मोहल्लेवासी और नगरजन इसे शहीदों की याद का अपमान मान रहे हैं।
“जन-आवाज़” “यह सिर्फ एक स्तंभ नहीं, यह हमारी आज़ादी की गवाही है। अगर जिम्मेदार लोग इस पर धूल जमने देंगे, तो यह धूल उनके जमीर पर भी जमेगी। जो अपने शहीदों का सम्मान नहीं कर सकता, वह जनता का सम्मान कैसे करेगा?” — आक्रोशित मोहल्लेवासी
- ऐतिहासिक महत्व: आजादी के बाद शहीदों की स्मृति में हुआ निर्माण
- दोनों पर्वों पर ध्वजारोहण: मोहल्लेवासी करते हैं आयोजन
- इस बार उपेक्षा: न सफाई, न सजावट, न रोशनी
- जनआक्रोश: जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग






