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लखपति दीदी योजना से बदली तकदीर: गोराखास की रेखा यादव बनीं परिवार की आर्थिक शक्ति

आजीविका मिशन से जुड़कर आटा चक्की और उन्नत खेती के जरिए हर महीने कमा रहीं 18 हजार रुपये

निवाड़ी। निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम गोराखास की निवासी श्रीमती रेखा यादव की यह कहानी ग्रामीण महिला सशक्तिकरण की एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर सामने आई है। कभी केवल गृहस्थी तक सीमित रहने वाली रेखा यादव आज अपने परिवार की आर्थिक आधार बन चुकी हैं और लखपति दीदी योजना के तहत आत्मनिर्भर महिलाओं की सूची में शामिल हो गई हैं।

साल 2020 में रेखा यादव ने गांव की अन्य 11 महिलाओं के साथ मिलकर आजीविका मिशन के अंतर्गत “महाराजा समूह” का गठन किया। समूह के माध्यम से उन्हें सीसीएल के तहत 50 हजार रुपये का ऋण प्राप्त हुआ, जिससे उन्होंने अपने गांव में आटा चक्की की स्थापना की। इस छोटे से प्रयास ने उन्हें एक वर्ष के भीतर ही स्थायी आय का स्रोत उपलब्ध कराया और उन्होंने समय से ऋण की अदायगी भी कर दी।

इसके बाद रेखा यादव ने सब्जी और फलों का व्यवसाय प्रारंभ किया, जिससे उन्हें प्रतिमाह लगभग 6 से 7 हजार रुपये की आमदनी होने लगी। समूह के द्वितीय लिंकेज के तहत पुनः 50 हजार रुपये का ऋण प्राप्त कर उन्होंने उन्नत बीजों और आधुनिक कृषि पद्धतियों के माध्यम से सब्जी एवं फल उत्पादन का कार्य बढ़ाया।

बेहतर देखरेख और समय-समय पर दवाओं के उपयोग से उत्पादन में वृद्धि हुई, जिससे उनकी मासिक आय बढ़कर लगभग 18 हजार रुपये तक पहुंच गई।

आर्थिक स्थिति में सुधार आने के बाद रेखा यादव ने अपने बच्चों का स्कूल में दाखिला करवाया और उन्हें ट्यूशन भेजना शुरू किया।

पहले आर्थिक तंगी के कारण जहां बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी, वहीं अब उन्हें शिक्षा के पर्याप्त साधन उपलब्ध हो रहे हैं। इसके साथ ही आवास योजना का लाभ मिलने से उनका पक्का मकान भी बन गया है।

आज रेखा यादव न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अपने गांव की अन्य महिलाओं को भी सरकारी योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

उनकी सफलता की यह कहानी ग्रामीण क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है।

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