

“नशे के अंधकार से जीवन के उजाले की ओर”
सहारनपुर पुलिस को बड़ी सफलता – 26 ग्राम स्मैक के साथ दो शातिर नशा तस्कर गिरफ्तार, अभियान ‘ऑपरेशन सवेरा’ ने दिखाया असर
सहारनपुर।
जनपद सहारनपुर पुलिस ने नशे के खिलाफ चल रहे अभियान “ऑपरेशन सवेरा – नशे के अंधकार से जीवन के उजाले की ओर” के तहत एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। थाना कुतुबशेर पुलिस टीम ने शनिवार को मुखबिर की सटीक सूचना पर दबिश देकर दो शातिर नशा तस्करों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से कुल 26 ग्राम अवैध स्मैक बरामद की गई है। पुलिस के इस सफल अभियान ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस पूरी तरह सक्रिय और सतर्क है।
कैसे हुई कार्रवाई?
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक नगर तथा क्षेत्राधिकारी नगर प्रथम के निकट पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक एच.एन. सिंह के नेतृत्व में यह ऑपरेशन चलाया गया। पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि कुछ लोग मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले हैं और डबनी कब्रिस्तान के पास से होकर गुजरने वाले हैं। सूचना पर विश्वास करते हुए पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी की और संदिग्धों को पकड़ लिया। पूछताछ और तलाशी के दौरान उनके पास से 26 ग्राम स्मैक बरामद हुई, जिसमें एक अभियुक्त से 14 ग्राम और दूसरे से 12 ग्राम स्मैक प्राप्त हुई।
गिरफ्तार अभियुक्त
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इन्तखाब पुत्र शमीम अहमद निवासी मेघ छप्पर थाना कुतुबशेर, जिला सहारनपुर और मंजीत कुमार पुत्र सतीश कुमार निवासी सोराना थाना सरसावा, जिला सहारनपुर के रूप में हुई। पुलिस ने बताया कि दोनों काफी समय से नशे के अवैध कारोबार में सक्रिय थे और पुलिस को चकमा देकर कई बार बचते रहे। लेकिन इस बार “ऑपरेशन सवेरा” की सक्रिय रणनीति के चलते वे कानून के शिकंजे में आ गए।
आपराधिक इतिहास भी लंबा
जांच में पता चला कि अभियुक्त इन्तखाब का आपराधिक इतिहास काफी गंभीर है। उस पर पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं जिनमें आबकारी अधिनियम, चोरी, एनडीपीएस एक्ट और धोखाधड़ी के मामले शामिल हैं। मंजीत कुमार का भी आपराधिक इतिहास है और उसके खिलाफ बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज है। इससे स्पष्ट होता है कि दोनों अभियुक्त संगठित तरीके से नशे के कारोबार से जुड़े हुए थे और कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बने हुए थे।
ऑपरेशन सवेरा का प्रभाव
गौरतलब है कि सहारनपुर परिक्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध बिक्री पर रोक लगाने के लिए पुलिस उपमहानिरीक्षक द्वारा विशेष अभियान “ऑपरेशन सवेरा” चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे की लत से बचाना और समाज को इस बुराई से मुक्त कराना है। नशे की गिरफ्त में आने वाले युवा न केवल अपना जीवन बर्बाद करते हैं बल्कि परिवार और समाज के लिए भी भारी समस्या खड़ी करते हैं। इसलिए पुलिस ने ठोस और समन्वित रणनीति अपनाई है।
पुलिस टीम की सराहना
इस कार्रवाई में शामिल पुलिसकर्मियों में उ0नि0 यमुनाप्रसाद, हैड का0 कपिल कुमार, हैड का0 रविन्द्र कुमार और का0 कपिल कुमार शामिल रहे। टीम ने न केवल साहसिक कदम उठाया बल्कि पेशेवर अंदाज में पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया। पुलिस की इस सतर्कता और टीम वर्क की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है।
मुकदमा दर्ज और आगे की कार्यवाही
गिरफ्तार दोनों अभियुक्तों के खिलाफ थाना कुतुबशेर में मु0अ0सं0 310/25 धारा 8/21/29 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों को आवश्यक कार्यवाही पूरी करने के बाद माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।
समाज के लिए संदेश
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशे के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। मादक पदार्थों की तस्करी और सेवन न केवल कानूनन अपराध है बल्कि यह युवाओं के भविष्य को बर्बाद करने वाली घातक प्रवृत्ति है। पुलिस ने अपील की है कि यदि किसी को भी अपने आसपास नशे का कारोबार होता दिखे तो तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दें। समाज और पुलिस मिलकर ही इस बुराई का खात्मा कर सकते हैं।
✍ रिपोर्ट : एलिक सिंह
संपादक — समृद्ध भारत समाचार पत्र एवं वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
📍 उत्तर प्रदेश महासचिव — भारतीय पत्रकार अधिकार परिषद
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