
वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्ट

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में चिटफंड घोटाले ने बड़ा हंगामा मचा दिया है। शाहपुर थाना क्षेत्र के बिछिया जंगल तुलसीराम में गोल्डन फ्यूचर प्राइवेट लिमिटेड नामक चिटफंड कंपनी के संचालक जगजीवन चौहान उर्फ सुनील सिंह चौहान और उनके साथी बंटी चौहान करीब 1500 जमाकर्ताओं से लगभग 5 करोड़ रुपये ठगकर फरार हो गए।
9 साल से चल रहा था ठगी का खेल
पुलिस जांच में सामने आया कि वर्ष 2016 में कंपनी की शुरुआत हुई थी। घर से ही ऑफिस खोलकर कंपनी ने लोगों को रुपये दोगुना करने का लालच दिया। एजेंटों के जरिए रोजाना किस्तें वसूली जाती थीं और रसीदें भी जारी होती थीं। लेकिन 11 अगस्त 2025 को रक्षाबंधन और स्वतंत्रता दिवस की छुट्टी का बहाना बनाकर कार्यालय पर ताला जड़ दिया गया और आरोपी फरार हो गए।
महिला एजेंट ने दर्ज कराया मुकदमा
31 अगस्त को एक महिला एजेंट ने शाहपुर थाने में केस दर्ज कराया। एजेंट ने बताया कि वे और उनके साथ चार-पांच अन्य लोग कंपनी के लिए काम करते थे। पिछले 9 वर्षों में 1500 से ज्यादा लोगों से करीब 5 करोड़ रुपये की ठगी की गई।
गुस्साए जमाकर्ताओं का प्रदर्शन
12 सितंबर को रुपये लौटाने की मांग पर सैकड़ों जमाकर्ता आरोपी के घर पहुंचे। जब आरोपी नहीं मिले तो भीड़ ने उनके पिता जीवन चौहान को पकड़ लिया। गुस्साए लोगों ने उन्हें चप्पल-जूतों की माला पहनाकर मोहद्दीपुर से असुरन चौराहा तक सड़क पर घुमाया।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पुलिस भीड़ को रोकने की कोशिश करती नजर आई, लेकिन वह मूकदर्शक बनी रही। बाद में पुलिस ने पिता को सुरक्षित थाने ले जाकर स्थिति को नियंत्रित किया।
पुलिस की कार्रवाई
गोरखनाथ थाने के सीओ रवि कुमार सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ फ्रॉड, ठगी और हेराफेरी की धाराओं में दो केस दर्ज हैं। पुलिस लगातार दबिश दे रही है और जल्द गिरफ्तारी की बात कही जा रही है। साथ ही पीड़ित निवेशकों से थाने में शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है।
पुलिस ने दी चेतावनी
गोरखपुर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे बिना रजिस्ट्रेशन वाली चिटफंड कंपनियों में पैसा न लगाएं। केवल आरबीआई और सेबी से मान्यता प्राप्त वित्तीय संस्थाओं में ही निवेश करने की सलाह दी गई है।
👉 इस समय तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, लेकिन पुलिस का दावा है कि जल्द ही दोनों फरार आरोपी सलाखों के पीछे होंगे।







