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सहारनपुर में मंदिर खंडित होने के बाद सियासत गरमाई — कैराना की सपा सांसद इकरा हसन का गांव छाकुर दौरा, कहा: “बीजेपी के इशारे पर मुझे मुल्ली और आतंकी कहा गया”

कैराना लोकसभा क्षेत्र के गांव छाकुर (सहारनपुर) में मंदिर खंडित किए जाने की घटना के बाद अब यह मामला राजनीतिक रंग लेने लगा है।

 


सहारनपुर में मंदिर खंडित होने के बाद सियासत गरमाई — कैराना की सपा सांसद इकरा हसन का गांव छाकुर दौरा, कहा: “बीजेपी के इशारे पर मुझे मुल्ली और आतंकी कहा गया”

रिपोर्ट : एलिक सिंह, संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
समृद्ध भारत समाचार पत्र 
📞 संपर्क : 8217554083


सहारनपुर।
कैराना लोकसभा क्षेत्र के गांव छाकुर (सहारनपुर) में मंदिर खंडित किए जाने की घटना के बाद अब यह मामला राजनीतिक रंग लेने लगा है। कुछ दिन पहले हुई इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी रही, वहीं अब समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने गांव का दौरा कर आरोपियों को सख्त सजा देने की मांग की।

इकरा हसन ने इस दौरान न सिर्फ मंदिर खंडन प्रकरण पर नाराजगी जताई, बल्कि खुद के साथ की जा रही कथित बदसलूकी और अभद्र टिप्पणियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत बदनाम किया जा रहा है, ताकि क्षेत्र का साम्प्रदायिक सद्भाव बिगाड़ा जा सके।


इकरा बोलीं — “मुझे मुल्ली और आतंकी कहा गया, मेरे दिवंगत पिता का भी अपमान किया गया”

गांव छाकुर पहुंचकर सांसद इकरा हसन ने ग्रामीणों से मुलाकात की और घटना के संबंध में जानकारी ली। मीडिया से बातचीत में उन्होंने भावनात्मक लहजे में कहा,

“बीजेपी के एक पूर्व सांसद के इशारे पर मुझे मुल्ली, आतंकी और देशद्रोही कहा गया। सोशल मीडिया पर मेरे खिलाफ अपशब्द बोले गए, यहां तक कि मेरे मरहूम पिता को भी गालियां दी गईं। यह सब एक सुनियोजित षड्यंत्र है, ताकि मुझे डराया और चुप कराया जा सके।”

इकरा ने आगे कहा कि वे कानून में आस्था रखती हैं और इस मामले को लेकर लोकसभा में भी आवाज उठाने की बात कही। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जिन्होंने मंदिर खंडित किया है, उन पर निष्पक्ष कार्रवाई हो, लेकिन किसी निर्दोष को फंसाया न जाए।


मंदिर खंडित होने के बाद तनाव, सोशल मीडिया पर भड़काऊ वीडियो वायरल

कुछ दिन पहले गांव छाकुर में एक पुराने मंदिर की मूर्ति खंडित मिली थी। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया, लेकिन इसके बाद सोशल मीडिया पर इकरा हसन को लेकर अपमानजनक वीडियो वायरल हो गया।

वीडियो में कुछ लोग इकरा को गालियां देते, ‘देशद्रोही’ और ‘मुल्ली’ कहकर संबोधित करते दिखाई दे रहे थे। यह वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया।

पुलिस ने मामले में कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया, लेकिन उन्हें थाने से ही जमानत पर छोड़ दिया गया, जिससे सपा समर्थक और मुस्लिम समुदाय के बीच नाराजगी देखी गई।


इकरा ने उठाया सवाल — “आखिर थाने से ही जमानत क्यों?”

इकरा हसन ने पुलिस की कार्यवाही पर सवाल उठाते हुए कहा,

“जब सार्वजनिक रूप से किसी महिला सांसद को गालियां दी जा रही हैं, धार्मिक और जातिगत अपशब्द कहे जा रहे हैं, तब भी पुलिस की कार्यवाही इतनी नरम क्यों है? क्या कानून केवल कुछ लोगों के लिए है?”

उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ऐसे लोगों को संरक्षण देकर समाज में गलत संदेश दिया जा रहा है।


बीजेपी और सपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज

घटना के बाद सहारनपुर से लेकर कैराना तक राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है।
सपा नेताओं का कहना है कि इकरा हसन को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वे मुस्लिम महिला सांसद हैं और खुले तौर पर जनहित के मुद्दों को उठा रही हैं।

वहीं, भाजपा समर्थकों का कहना है कि इकरा हसन धार्मिक मामलों में अनावश्यक राजनीति कर रही हैं। उनका आरोप है कि मंदिर प्रकरण में सपा ने “धर्म और राजनीति” को मिलाकर सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश की है।

हालांकि, इस मामले में अब तक किसी बड़े राजनीतिक नेता का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।


सामाजिक कार्यकर्ताओं की राय — “दोनों पक्ष संयम रखें, प्रशासन को स्वतंत्र रूप से काम करने दें”

स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि इस तरह की घटनाएं छोटे गांवों में धार्मिक सौहार्द को चोट पहुँचाती हैं।
सहारनपुर के वरिष्ठ समाजसेवी रवि कुमार शर्मा ने कहा,

“मंदिर का खंडन निंदनीय है, परंतु किसी भी पक्ष द्वारा भड़काऊ भाषण देना या अपशब्द कहना भी उतना ही गलत है। हमें धार्मिक भावनाओं के साथ-साथ कानून के दायरे में रहकर शांति बनाए रखनी चाहिए।”

उन्होंने प्रशासन से अपील की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और किसी भी राजनैतिक दबाव में निर्णय न लिया जाए।


पुलिस प्रशासन की स्थिति — “शांति बनाए रखना हमारी प्राथमिकता”

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मंदिर खंडन प्रकरण में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।
एसपी ग्रामीण ने बताया,

“दोनों पक्षों को शांतिपूर्वक रहने की सलाह दी गई है। वायरल वीडियो की जांच कराई जा रही है और साइबर सेल को भी अलर्ट किया गया है। यदि वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान होती है तो आगे कार्रवाई की जाएगी।”


इकरा हसन का तेवर नरम नहीं, कहा — “डरने वाली नहीं हूं”

सपा सांसद इकरा हसन ने कहा कि चाहे कितनी भी धमकियां मिलें, वे अपने क्षेत्र के लोगों के साथ अन्याय नहीं होने देंगी।
उन्होंने कहा,

“मैं अपने लोगों के बीच हूं और हर उस आवाज़ के साथ खड़ी रहूंगी जिसे दबाने की कोशिश की जा रही है। मुझे मुल्ली कहने वाले भूल गए हैं कि मैं एक भारतीय सांसद हूं, और यह देश हर नागरिक को समान अधिकार देता है।”


घटना का असर — क्षेत्र में सतर्कता बढ़ी, माहौल सामान्य

हालांकि घटना के बाद प्रशासन ने गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया था। फिलहाल माहौल शांत बताया जा रहा है, लेकिन लोगों में भय और असंतोष का माहौल अभी भी बना हुआ है।
गांव के कई बुजुर्गों ने कहा कि “राजनीति करने वाले तो चले जाएंगे, पर गांव में जो दरार पड़ती है, वह भरने में सालों लगते हैं।”


गांव छाकुर की यह घटना सिर्फ एक मंदिर खंडन या बयानबाजी का मामला नहीं है, बल्कि यह इस बात का संकेत है कि कैसे राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता धार्मिक भावनाओं के साथ मिलकर समाज में वैमनस्य फैला सकती है।
सपा सांसद इकरा हसन और बीजेपी नेताओं के बीच यह विवाद आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है, लेकिन उम्मीद की जानी चाहिए कि प्रशासन, पुलिस और समाज के जिम्मेदार लोग शांति, संयम और कानून की मर्यादा बनाए रखेंगे।


✍️ रिपोर्ट : एलिक सिंह
संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
समृद्ध भारत समाचार पत्र
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