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छग•राज्य में कक्षा पहली से लेकर नौवीं और गयारहवीं कक्षा के रिजल्ट का फार्मूला बदला गया

अब तिमाही छमाही परीक्षा के अंक वार्षिक परीक्षा रिजल्ट में जोड़े जायेंगे

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शुक्रवार 17 अक्टूबर 2025-: प्राप्त हुई जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ प्रदेश में अब कक्षा पहली से नौवीं और ग्यारहवीं कक्षा तक के रिजल्ट का तरीक बदल दिया गया है। जानकारी के अनुसार अब तिमाही और छमाही परीक्षा के प्राप्त हुए अंक को वार्षिक परीक्षा रिजल्ट में जोड़े जायेंगे। तिमाही और छमाही परीक्षा के दौरान कम अंक प्राप्त होने पर बच्चों का वार्षिक रिजल्ट प्रभावित हो सकता है। रिजल्ट की यह प्रणाली अभी वर्तमान में चालू शिक्षा सत्र से ही लागू भी कर दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य की बोर्ड परीक्षाओं कक्षा दसवीं और बारहवीं में यह प्रणाली लागू नहीं किया गया है। प्राप्त जानकारी अनुसार छग राज्य शिक्षा विभाग के इस निर्णय से दसवीं बारहवीं को छोड़कर शेष कक्षा पहली से ग्यारहवीं तक के करीब पैंतालीस लाख छात्र छात्राएं प्रभावित होंगे। छग शिक्षा विभाग ने चालू शिक्षा सत्र से ही परीक्षा रिजल्ट का यह नई प्रणाली को लागू कर दिया है। जानकारी अनुसार राज्य के सभी जिलों के शिक्षा अधिकारियों को रिजल्ट के इस नये फार्मूले को लेकर निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। छमाही तिमाही परीक्षाओं के अंक को वार्षिक परीक्षा रिजल्ट मे जोड़ने के इस निर्णय से दोनों ही परीक्षाओं के प्रति गंभीरता बढ़ेगी और बच्चों का शिक्षा स्तर भी सुधरेगा। तिमाही छमाही टेस्ट बच्चों के तीन और छह माह की तैयारियों का आंकलन करने के उद्देश्य से लिए जाते हैं। शुरू किए गए नया रिजल्ट फार्मूला-: कक्षा पहली दूसरी, तीसरी, चौथीं, में तिमाही छमाही परीक्षा में हर विषय में प्राप्त अंकों का बीस बीस प्रतिशत अधिभार के रूप में जोड़ा जायेगा। तिमाही और छमाही का बीस बीस प्रतिशत और वार्षिक का साठ प्रतिशत कुल मिलाकर ही परीक्षाफल तैयार किया जायेगा। कक्षा पांचवीं, एवं आठवीं की वार्षिक परीक्षा में छमाही परीक्षा के हर विषय मे प्राप्त अंकों का तीस फीसदी अधिभार के रूप में जोड़ा जायेगा। इसका मतलब छमाही का तीस प्रतिशत एवं वार्षिक का सत्तर प्रतिशत मिलाकर परीक्षाफल तैयार किया जायेगा। छत्तीसगढ राज्य में वर्ष 2010 के पहले भी कुछ शिक्षा सत्रों मे वार्षिक परीक्षाफल तैयार करने का यही तरीका लागू किया गया था। 2010 मे आरटीआई शिक्षा का अधिकार कानून लागू हो गया है। इसमें कक्षा पहली से लेकर आठवीं तक के बच्चों को फेल किए जाने का नियम भी बदल दिया गया। पहली से आठवीं तक सभी बच्चों को अनिवार्य रूप से पास किए जाने का तरीका लागू कर दिया गया। और इसके बाद से ही मूल्यांकन का तरीका भी बदल गया। छत्तीसगढ राज्य शिक्षा विभाग ने कक्षा नौवीं ग्यारहवीं के लिए भी छमाही परीक्षा के प्रत्येक विषय मे प्राप्त हुए अंकों का तीस फीसदी अधिभार के रूप मे जोड़ने का फैसला किया है। अभी इसे पूरी तरह से लागू नही किया जा रहा है। शिक्षा मंडल से सहमति प्राप्त होने के बाद ही इस पर निर्णय लिया जायेगा। मूल्यांकन यदि सही तरीके के साथ किया जाए तो यह एक बेहतर निर्णय होगा।

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अनंतपद्मनाभ

D Anant Padamnabh, village- kanhari, Bpo-Gorakhpur, Teh-Pendra Road,Gaurella, Distt- gpm , Chhattisgarh, 495117,
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