छठ महापर्व को लेकर प्रशासन अलर्ट — दुद्धी एसडीएम व सीओ ने छठ घाटों की सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा, दिए सख्त निर्देश
विण्ढमगंज सोनभद्र(राकेश कुमार कन्नौजिया)_:
आगामी छठ महापर्व को लेकर प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और पर्व के शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर दुद्धी उपजिलाधिकारी (एसडीएम) निखिल यादव एवं क्षेत्राधिकारी (सीओ) राजेश कुमार राय ने विण्ढमगंज थाना परिसर में विभिन्न छठ समितियों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की।
बैठक में दोनों अधिकारियों ने छठ घाटों पर सुरक्षा, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।
सीओ राजेश कुमार राय ने कहा कि सभी छठ घाटों पर गहरे पानी वाले क्षेत्रों में सुरक्षा बैरिकेडिंग की जाए और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि पंडालों में कटे-फटे बिजली तारों का उपयोग न किया जाए तथा फायर फाइटिंग (अग्निशमन) की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए।
उन्होंने दुकानों व पंडालों के पास गैस सिलेंडर के सुरक्षित उपयोग की भी हिदायत दी और कहा कि भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सके। सीओ ने बताया कि पर्व के दौरान प्रशासनिक टीमें लगातार मौजूद रहेंगी और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
वहीं एसडीएम निखिल यादव ने सभी समितियों और ग्राम प्रतिनिधियों से अपील की कि वे प्रशासन का सहयोग करें और छठ पर्व को शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराएं। उन्होंने कहा —
“छठ महापर्व आस्था, अनुशासन और स्वच्छता का पर्व है, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही या अव्यवस्था स्वीकार नहीं की जाएगी। जो भी व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।”
बैठक के उपरांत एसडीएम निखिल यादव, सीओ राजेश कुमार राय एवं विण्ढमगंज थाना प्रभारी चंद्रशेखर सिंह प्रशासनिक अमले के साथ बुटवेढवा और मलिया नदी तट पर पहुंचे, जहां उन्होंने श्री मालेश्वर महादेव मंदिर परिसर स्थित घाटों का निरीक्षण किया।
यहां बजरंग क्लब सोसायटी एवं सन क्लब सोसायटी द्वारा की जा रही तैयारियों को देखकर अधिकारियों ने संतोष जताया और छठ समितियों को साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था व सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
अंत में अधिकारियों ने कहा कि छठ महापर्व श्रद्धा और सौहार्द का प्रतीक है, इसे शांति, स्वच्छता और सहयोग की भावना से मनाया जाए ताकि क्षेत्र में एक सुंदर संदेश जाए।



