A2Z सभी खबर सभी जिले कीअन्य खबरेछत्तीसगढ़धार्मिक

नहाय खाय, अरपा मइया की महाआरती के साथ छठ महापर्व का हुआ शुभारंभ

सूर्योपासना का पर्व छठपूजा कल शनिवार को नहाय खाय के साथ शुभारंभ हुआ

वंदेभारतलाइवटीव न्युज/ समृद्धभारत ई पेपर, छत्तीसगढ, रविवार 26 अक्टूबर 2025-: 卐 छठपूजा महापर्व की हार्दिक बधाई, शुभकामनाऐ 卐
==========================
सूर्योपासना का पर्व छठपूजा का शुभारंभ कल 25 अक्टूबर शनिवार को नहाय खाय के साथ हुआ। छठपूजा का यह पर्व 25 अक्टूबर से लेकर 28 अक्टूबर 2025 तक मनाया जायेगा। चार दिनों तक चलने वाला यह महापर्व अनुष्ठान कल शनिवार 25 अक्टूबर को नहाय खाय से शुरू हुआ। छठ।व्रत करने व्रती कल नहाय खाय से अपने आप को शुद्ध करके लौकी की सब्जी चने की दाल अरवा चावल के साथ सात्विक आहार ग्रहण किए। पर्व का समापन मंगलवार 28 अक्टूबर कार्तिक शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि पर होगा। छठपूजा का यह महापर्व सूर्यनारायण और छठी मैया को समर्पित होता है। छठपूजा का यह पर्व कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि से लेकर कार्तिक मास शुक्ल सप्तमी तिथि तक मनाया जाता है।छत्तीसगढ राज्य में भी छठपूजा को लेकर आस्था अब बढ़ने लगी है।कल श्रद्धालु भक्तगणों अरपा मइया की महाआरती की। दीपदान भी किया, दीपों की सुंदर रोशनी से पूरा छठघाट जगमगा उठा। बिलासपुर के तोरवा स्थित अरपा नदी का छठघाट पूरे देशभर में सबसे बड़ा और शानदार घाट है। यह स्थाई घाट है। इतना अच्छा व्यवस्थित छठघाट और कहीं देखने को शायद ही मिलता है। आज रविवार 26 अक्टूबर को खरना का प्रसाद बनेगा। खरना प्रसाद बनाने के लिए छठ व्रतियों द्वारा पवित्रता शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाता है। नये चूल्हे में आम की लकड़ी तथा गोबर से बना हुआ कंडा से अग्नि प्रज्वलित करके खरना बनाया जाता है। शाम के समय में सूर्य अस्त के समय पर गुड़ से बनी हुई खीर और सादी रोटी बनाई जायेगी। कल सोमवार 27 अक्टूबर को अस्त होते हुए सूर्यदेव को तथा मंगलवार 28 अक्टूबर को सुबह के समय मे उदय होते हुए सूर्यदेव को अर्ध्य दिया जायेगा। मंगलवार को छठ व्रत करने वाले अर्ध्य देने के बाद पारण करेंगे। छठपूजा करने वाले व्रती अपनी संतान की रक्षा दीर्घायु की कामना से यह व्रत पूजा करते हैं।
20251026 114100
20251026 114108
20251026 114124

अनंतपद्मनाभ

D Anant Padamnabh, village- kanhari, Bpo-Gorakhpur, Teh-Pendra Road,Gaurella, Distt- gpm , Chhattisgarh, 495117,
Back to top button
error: Content is protected !!