
हाथरस। सिकंदराराऊ के गांव माधुरी में प्रसाद खाने से हुई एक महिला मुन्नी की मौत और 19 लोगों के बीमार होने की घटना में पुलिस जांच को आगे बढ़ाने के लिए फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिससे साफ हो सके कि लड्डुओं में विषैला पदार्थ मिला था या नहीं। पोस्टमार्टम में विष है। रविवार को भी पुलिस ने गांव में पहुंचकर ग्रामीणों से पूछताछ की है।
सुनील कुमार की पत्नी मुन्नी देवी की शुक्रवार रात तीन बजे तबीयत बिगड़ी थी। परिजन उन्हें आगरा से की तैयारी कर रहे लेकिन तभी उन्होंने दम तोड़ दिया था। उनकी मौत के बाद बाकी बीमार लोगों के परिजन घबरा गए थे और सुबह होते ही सभी को सीएचसी लेकर पहुंच गए थे।
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सुनील कुमार ने एफआइआर में बताया कि लड्डू हाथ के बने हुए थे, किसी दुकान के नहीं लग रहे थे। यही बात प्रधान सुनहरीलाल यादव ने कही। उन्होंने बताया कि वे व गांव के लोग आसपास के मिठाई विक्रेता व उनकी
मधुमेह की रोगी थी मुन्नी, चढ़ा दी ड्रिप
सुनील कुमार ने एफआइआर में बताया है कि 23 अक्तूबर को ही उनकी पली की तबीयत खराब हो गई थी। इस पर उन्हें और बाकी बीमार लोगों को गांव कचौरा के चिकित्सक के पास ले जाया गया था। यहां मुन्नी देवी को ग्लूकोज की ड्रिप भी लगाई गई थी। उपचार देने के बाद 24 अक्तूबर की शाम को उन्हें घर भी भेज दिया था। देर रात फिर उनकी तबीयत बिगड़ी। सुनील ने बताया कि वे मधुमेह की रोगी थीं।
पांच मरीजों की हुई छुट्टी
गांव के 15 लोगों को एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा ले जाया गया था। इनकी हालत में अब सुधार है। प्रधान सूरजपाल ने बताया कि इनमें से बृजेश, मुकेश, रजनेश, श्रीमती व कनक को छुट्टी मिल गई है। वे रात तक घर आ जाएंगे
मिठाइयों से परिचित हैं।
यदि दुकान की मिठाई होती तो पता चल जाता। इसलिए पूरी संभावना है कि किसी ने घर पर ही बनाकर मंदिर में डिब्बे रखे हैं। इसी कारण सुनील ने षडयंत्र का अंदेशा जताते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण
स्पष्ट नहीं हो सका है, विसरा सुरक्षित रख लिया गया है। पुलिस का कहना कि अभी विसरा की रिपोर्ट में आने में समय लगेगा, इसलिए पुलिस अधिकारी जल्द से जल्द फॉरेंसिक रिपोर्ट मंगाने में जुटे हैं। है
जिला अस्पताल
गांव में सन्नाटा स्वास्थ्य विभाग की टीम ने की जांच
सिकंदराराऊ। गांव माधुरी में मंदिर रखे मिले प्रसाद को खाने से एक महिला की मौत और 19 लोगों के बीमार होने के मामले में रविवार को भी स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची और अस्पताल से ठीक होकर घर पहुंचे लोगों की जांच की।
रविवार को सामुदायिक विभाग की स्वास्थ्य टीम ने गांव में जाकर के कई घंटे बिताए, जो लोग ठीक हो गए थे उनके ऊपर विशेष ध्यान दिया। स्वास्थ्य टीम गांव के काफी घरों में गई तथा सभी को खान-पान को लेकर बरती जाने वाली ऐहतियात की जानकारी दी। पुलिस ने भी यह जानकारी करने की कोशिश कि आखिर मंदिर में लड्डुओं के डिब्बे कौन रखकर गया। कोतवाल विजय सिंह ने बताया कि पूरे मामले की पुलिस विशेष गहनता के साथ जांच कर रही है। यह एक षड्यंत्र था या नहीं इसका पता लगा रही है।
सामुदायिक केंद्र प्रभारी डॉ राज वर्मा ने बताया कि गांव में गई स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जो बीमार ठीक हो गए थे, उनको दवा दी। गांव में काफी लोग जो की मामूली बीमारी से ग्रसित थे उनको भी दवा दी गई। स्वास्थ्य टीम लगातार गांव में जाकर के ग्रामीणों का परीक्षण करती रहेगी।
महिला की विष नहीं आया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसलिए बिसरा भी सुरक्षित कर लिया गया है। पूछताछ पूछताछ में पता चला कि महिला को मधुमेह भी था। और छानबीन की जा रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट आते ही और स्थिति साफ हो जाएगी। जेएन अस्थाना,





