दरभंगाबिहार

दरभंगा में मतदान महापर्व का अनोखा उत्सव।

दरभंगा में जीविका दीदियाँ शत-प्रतिशत मतदान का संदेश घर-घर पहुँचा रही हैं। लोकतंत्र के इस महापर्व को जनभागीदारी का उत्सव बना रहीं हैं।

मतदान महापर्व का अंतिम आह्वान — लोकतंत्र के उत्सव में जीविका दीदियों की भागीदारी

बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 अब अपने निर्णायक दौर में है। दरभंगा जिले में मतदाता जागरूकता का यह अभियान सचमुच लोकतंत्र के महापर्व का रूप ले चुका है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार के नेतृत्व में चल रहा यह अभियान प्रशासन और समाज के समन्वय का एक सशक्त उदाहरण बन गया है।

सबसे उल्लेखनीय भूमिका निभा रही हैं जीविका दीदियाँ, जो घर-घर जाकर लोकतंत्र की मशाल जला रही हैं। उनके हाथों में सिर्फ मोमबत्तियाँ नहीं, बल्कि लोकतंत्र की लौ है, जो हर नागरिक को मतदान की प्रेरणा दे रही है।
शत-प्रतिशत मतदान – सशक्त लोकतंत्र की पहचान” का संदेश अब हर गांव, हर मोहल्ले तक पहुँच चुका है।

दरभंगा के 18 प्रखंडों में जीविका दीदियों ने रैली, नुक्कड़ नाटक, गीत-संगीत और कैंडल मार्च जैसे रचनात्मक कार्यक्रमों के माध्यम से जन-जागरूकता की अलख जगाई है। संध्या के समय हजारों दीदियों का सड़कों पर “हर मतदाता का यही अभियान, कल जरूर करें मतदान!” का नारा लगाना इस अभियान की आत्मा को प्रकट करता है।

जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार ने सही ही कहा कि “जीविका दीदियाँ सामाजिक परिवर्तन की सशक्त प्रतीक हैं।
इन महिलाओं ने यह साबित कर दिया कि लोकतंत्र की मजबूती केवल भाषणों से नहीं, बल्कि जनसहभागिता से होती है।

डा० ऋचा गार्गी के अनुसार, जिले की पाँच लाख से अधिक जीविका दीदियाँ इस अभियान में शामिल होकर न सिर्फ मतदाता जागरूकता का संदेश फैला रही हैं, बल्कि मतदान केंद्रों पर सहायता और शांति का वातावरण भी बना रही हैं।

दरभंगा की यह पहल पूरे बिहार के लिए एक प्रेरक उदाहरण है —
“जब महिलाएँ आगे बढ़ती हैं, तो लोकतंत्र मजबूत होता है।”
जीविका दीदियों ने आज यह सिद्ध कर दिया कि मतदान केवल अधिकार नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का उत्सव है।

Sitesh Choudhary

चढ़ते हुए सूरज की परस्तिश नहीं करता, लेकिन, गिरती हुई दीवारों का हमदर्द हूँ।
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