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रुड़की में अवैध कब्ज़े पर बुलडोज़र कार्रवाई: स्वास्थ्य विभाग की सरकारी भूमि हड़पकर खड़ी की गई अवैध मजार जमींदोज़, प्रशासन ने भूमि कराई कब्ज़ा-मुक्त, भूमाफिया नेटवर्क पर जांच की आंच तेज

अवैध रूप से कब्ज़ा कर बनाई गई मजार को बुलडोज़र चलाकर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया,

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🚜 रुड़की में अवैध कब्ज़े पर बुलडोज़र कार्रवाई: स्वास्थ्य विभाग की सरकारी भूमि हड़पकर खड़ी की गई अवैध मजार जमींदोज़, प्रशासन ने भूमि कराई कब्ज़ा-मुक्त, भूमाफिया नेटवर्क पर जांच की आंच तेज

रुड़की के संवेदनशील पिरान कलियर, रुड़की क्षेत्र में आज प्रशासन ने उस समय सख़्त और ऐतिहासिक कार्रवाई को अंजाम दिया, जब स्वास्थ्य विभाग के नाम आधिकारिक रूप से आवंटित सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कब्ज़ा कर बनाई गई मजार को बुलडोज़र चलाकर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया, जिससे न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे उत्तराखंड शासन-प्रशासन की कार्यशैली में कानून के प्रति दृढ़ निष्ठा और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आया; प्रशासनिक सूत्रों और जमीन अभिलेखों की प्राथमिक पड़ताल में यह सामने आया कि यह जमीन विधिवत रूप से स्वास्थ्य सेवाएँ निदेशालय, उत्तराखंड को जनहित में चिकित्सा सेवाओं, स्वास्थ्य केंद्र विस्तार और आपातकालीन अधोसंरचना विकसित करने हेतु आवंटित की गई थी, लेकिन सरकारी राजस्व प्रणाली की निगरानी में सेंध लगाकर कुछ असामाजिक तत्वों व भूमाफियाओं के गठजोड़ ने रातों-रात इस सार्वजनिक भूमि पर एक अवैध धार्मिक ढांचे का निर्माण कर प्रशासन को चुनौती दे दी थी, जिससे स्वास्थ्य परियोजनाएँ अवरुद्ध हो रही थीं और क्षेत्रीय विकास में बाधाएँ उत्पन्न हो रही थीं; प्रशासन की इस कार्रवाई के दौरान जिला प्रशासन, हरिद्वार के नेतृत्व में भारी पुलिस बल और राजस्व टीम मौके पर तैनात रही, ताकि अभियान शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सके; स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि “सरकारी भूमि पर अवैध कब्ज़ा और उसे धार्मिक आस्था के नाम पर वैध ठहराने की साजिश अब और नहीं चलेगी, यह कदम सुशासन और स्वास्थ्य अधिकार की जीत है”; प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि अब इस भूमि पर आधुनिक स्वास्थ्य केंद्र व सार्वजनिक चिकित्सा सुविधा विकसित की जाएगी, जिससे ग्रामीण और शहरी सीमा पर बसे हजारों नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा, साथ ही इस अवैध कब्ज़ा प्रकरण के पीछे सक्रिय नेटवर्क, वित्तीय स्रोत और सहयोगियों की पहचान हेतु गहन जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर उच्चस्तरीय जांच एजेंसियों तक भी भेजा जा सकता है।

विशेष रिपोर्ट: अलिक सिंह, ब्यूरो प्रमुख — दैनिक आशंका बुलेटिन | संवाद एवं प्रकाशन सहयोग — वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ | संपर्क: 8217554083 📞

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